Satya Niketan Building Collapse: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर अवैध पीजी ढहने से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार पीजी के मालिक हरिराम बंसल को गिरफ्तार करने की कोशिश तेज कर दी है। पुलिस बंसल के दिल्ली और गुरुग्राम के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा होने के बाद से ही हरिराम बंसल फरार है। दिल्ली पुलिस हरिराम बंसल को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं, जो दिल्ली और गुरुग्राम में उसके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने गुरुग्राम में बंसल के घर पर भी दबिश दी है। इसके अलावा पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है, ताकि वह देश छोड़कर विदेश न भाग पाए।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस हादसे के तुरंत बाद हरिराम बंसल के घर पहुंची थी, लेकिन आरोपी पहले ही अपना घर छोड़कर फरार हो चुका था। पुलिस ने इसके बाद हरिराम के परिजनों से पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि बंसल के दिल्ली के अलावा गुरुग्राम में भी कई दुकान और बिल्डिंग हैं। उसके बाद पुलिस ने बंसल के गुरुग्राम के ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि यहां भी पुलिस को सफलता नहीं मिली।
दिल्ली पुलिस ने शक जताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हरिराम बंसल किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा हुआ है। पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए उसके रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर भी दबिश दे रही है। मामला की जांच कर रही साउथ कैंपस थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। जिससे वह देश छोड़कर विदेश न भाग पाए।
जानकारी के मुताबिक, हादसे वाली इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले बिल्डिंग को लेकर नोटिस भी जारी किया गया था। वहीं, लगभग एक साल पहले भी इमारत को खाली कराया गया था।
इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मेडिकल शॉप चलने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद इस बात की भी जांच की जा रही है कि निर्माण या रेनोवेशन के दौरान बिल्डिंग की संरचना से किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। मलबे में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर भी मंगाए गए हैं। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहा है।
हादसे वाली इमारत को 'हॉस्टल डेज' के नाम से संचालित किया जा रहा था। इसके मालिकों के तौर पर हरिओम बंसल और आनंद बंसल के नाम बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि इमारत में चार फ्लोर और उसके ऊपर टेरेस था। हर फ्लोर पर करीब चार कमरे होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग मंजिलों पर कमरों का किराया भी अलग था।
दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का पूरा जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बेसमेंट में पानी भरने के कारण पिलर कमजोर हो गए थे, जिसके कारण पूरी बिल्डिंग ढह गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, लगभग 80% मलबा हटा दिया गया है। सिर्फ बेसमेंट का मलबा बचा है। यह बहुत पुरानी इमारत थी। बेसमेंट में पानी भरने से इसके पिलर कमजोर हो गए, जिससे पूरी इमारत गिर गई। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।