IPS सदानंद दाते (सोर्स: सोशल मीडिया) 
देश

NIA चीफ सदानंद दाते की महाराष्ट्र कैडर में वापसी, 26/11 में कसाब से लिया था लोहा, अब बनेंगे DGP

IPS Sadanand Date: केंद्र सरकार ने एनआईए प्रमुख और 1990 बैच के आईपीएस सदानंद दाते को महाराष्ट्र कैडर में लौटाने की मंजूरी दी। बीएमसी चुनाव से पहले उन्हें अगला DGP बनाए जाने की संभावना मानी जा रही है।

आकाश मसने

NIA Chief Sadanand Date: केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद वसंत दाते को तत्काल उनके मूल कैडर महाराष्ट्र में वापस भेजने की मंजूरी दे दी है। यह आदेश 22 दिसंबर को जारी किया गया, जिसे प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

1990 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी

सदानंद दाते 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और केंद्र व राज्य स्तर पर एक सख्त, ईमानदार और अनुभवी अधिकारी के रूप में उनकी पहचान है। एनआईए प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कई संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में एजेंसी की भूमिका को और मजबूत किया गया। उनके नेतृत्व में एनआईए की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ी है।

बीएमसी चुनावों से पहले अहम फैसला

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब जनवरी में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव प्रस्तावित हैं। बीएमसी देश की सबसे बड़ी नगरपालिकाओं में से एक है और इसके चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

डीजीपी पद के लिए मजबूत दावेदारी

महाराष्ट्र के मौजूदा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में सदानंद दाते का नाम राज्य के अगले डीजीपी के रूप में सबसे आगे माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दाते की नियुक्ति से चुनावों के दौरान निष्पक्ष और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

26/11 आंतकी हमले के हीरो के रूप में पहचान

सदानंद दाते को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान ‘कामा एंड अल्ब्लेस’ अस्पताल में आतंकवादी अजमल कसाब से सीधे मुकाबला करने वाले साहसी अधिकारी के रूप में जाना जाता है। इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन कर्तव्य के प्रति उनका साहस और समर्पण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला साबित हुआ।

कानून-व्यवस्था के लिए अहम कदम

यदि सदानंद दाते को महाराष्ट्र का नया डीजीपी नियुक्त किया जाता है, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जाएगा। प्रशासनिक हलकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और आगामी चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

LPU में फिर मचा बवाल! बेकाबू भीड़ ने की तोड़फोड़, कई वाहनों को किया आग के हवाले

मुंबई पुलिस ने अभिजीत दीपके को दिखाया ठेंगा! प्रोटेस्ट की नहीं मिली इजाजत, CJP प्रमुख ने बताया अगला प्लान

CEC Resignation Rule: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के बाद कैसे चलता है चुनाव आयोग? VIDEO

देश को मिली पहली LNG ट्रेन! गृहमंत्री ने साबरमती स्टेशन से दिखाई हरी झंडी, रेलमंत्री को लेकर दिया बड़ा बयान

Ambala Building Collapse: अंबाला में भरभराकर गिरी निर्माणाधीन इमारत, 4 मजदूरों की मौत; कई मलबे में दबे