Saayoni Ghosh Slams Opposition: दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक, शिक्षा प्रणाली में गड़बड़ी जैसे मुद्दे पर प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया है, लेकिन सियासी गलियारों में अभी भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद जहां मोदी सरकार खुद को ईमानदार सरकार बता रही है, वहीं विपक्ष अब भी सरकार पर लगातार हमलावर है।
विपक्ष सदन में पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा पर अड़ा हुआ है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद सायोनी घोष ने भी विपक्ष पर जमकर हमला बोला है।
सोमवार को संसद भवन पहुंची NCPI सांसद सायोनी घोष ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमें इस पर चर्चा करनी है और हम शुरू से ही चर्चा करना चाहते थे। विपक्ष चर्चा करने से इनकार कर रहा था मगर हम उम्मीद करते हैं कि वे इसमें सहयोग करें।
सायोनी घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और सरकार ने जो कदम उठाए हैं जिस तरह छात्रों की आवाज सुनी गई तो मुझे लगता है कि यह स्वागत योग्य कदम है। मैं चाहूंगी कि एक अच्छी चर्चा हो।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बड़ी टूट हो गई। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने ममता से बगावत करते हुए नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। लोकसभा स्पीकर ने भी इस पर मुहर लगा दी। विलय स्वीकार किए जाने के बाद ये सभी सांसद औपचारिक रूप से एनसीपीआई का हिस्सा बन गए।
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एनसीपीआई में शामिल सांसदों ये प्रमुख नाम हैं। डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय, सायोनी घोष, बापी हलदार, कालीपद सारेन खेरवाल, अधिकारी दीपक देव, डॉ. शर्मिला सरकार, मिताली बाग, यूसुफ पठान, जून मालिया, खलीलुर रहमान, पार्थ भौमिक, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, प्रसून बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, असित कुमार मल, मोहम्मद अबू ताहेर खान और रचना बनर्जी शामिल हैं।