पटना. बिहार (Bihar) में आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा (RRB NTPC Exam) में कथित तौर पर हुई धांधली को लेकर बड़ा हंगामा हुआ है। राज्य में आज दूसरे दिन छात्रों ने पटना, आरा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में हिंसा और प्रदर्शन किया। कई छात्र रेलवे ट्रैक्स पर उतर आए और जगह-जगह ट्रेनों को रोकने लगे।
उधर, आरा में छात्रों का प्रदर्शन इतना उग्र हो गया है कि इसे रोकने के लिए बिहार पुलिस के सैकड़ों जवानों को ट्रैक पर आना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को मानाने की काफी कोशिश की लेकिन फिर भी छात्र नहीं माने। उन्होंने पुलिस को ही निशाना बनाया और एक ट्रेन को आग के हवाले कर दिया।
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रेल मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, "रेलवे की नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को रेलवे ट्रैक पर विरोध करने, ट्रेन संचालन में व्यवधान और रेलवे संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर रेलवे की नौकरी पाने से आजीवन रोक का सामना करना पड़ सकता है।"
रेलवे ने कहा, "इस तरह की गुमराह करने वाली गतिविधियां अनुशासनहीनता का उच्चतम स्तर हैं, जो ऐसे उम्मीदवारों को रेलवे/सरकारी नौकरी के लिए अनुपयुक्त बनाती हैं। इस तरह की गतिविधियों के वीडियो की जांच की जाएगी और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए गए उम्मीदवारों पर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ रेलवे की नौकरी पाने से आजीवन रोक भी लगाई जा सकती है।"
उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने सीबीटी-2 परीक्षा (CBT-2 Exams) के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए 15 जनवरी 2022 को जारी सीबीटी-1 परीक्षा (CBT-1 Exams) के लिए आरआरबी एनटीपीसी परिणाम 2021 (RRB-NTPC Result 2021) जारी किए थे। इससे नाराज उम्मीदवारों ने बोर्ड पर सवाल उठाए थे। जिसके बाद रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) ने चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। जिसका उम्मीदवार विरोध कर रहे हैं।
उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (Railway Recruitment Board) की नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी की (RRB NTPC Exams 2021) सीबीटी-1 परीक्षा (CBT-1 Exams) में धांधली हुई है। उम्मीदवारों कहना है कि बोर्ड ने कट ऑफ बढ़ा दिया, जिससे कई उम्मीदवार प्रभावित हुए और वादा किए गए उम्मीदवारों से कम का चयन किया। इसके अलावा, कई पदों के लिए एक ही उम्मीदवार को चुना गया था। वहीं जिन लोगों का सिलेक्शन हुआ उनमें अधिकांश 10वीं और 12वीं पास के बजाय स्नातक हैं।