RJD Wins a Seat in Kerala: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ गए हैं। जहां भारत की एकमात्र वामपंथी सरकार अपनी सत्ता नहीं बचा पाई। इस चुनाव में जहां कई बड़े नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए। वहीं, केरल में पहली बार राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी अपना खाता खोलने में कामयाब रही। RJD के उम्मीदवार पीके प्रवीण ने कुथुपरम्बा सीट से जीत हासिल की।
आरजेडी को मुख्यत: बिहार की राजनीति करने वाली पार्टी के तौर पर देखा जाता रहा है। लेकिन इस बार केरल विधानसभा चुनाव में पीके प्रवीण के जीत हासिल करते ही आरजेडी बिहार से निकलकर दक्षिण के राज्य में अपनी शुरुआत करने में कामयाब रही। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रवीण ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की उम्मीदवार जयंती राजन को 1286 वोटों से हराकर जीत हासिल की।
केरल में RJD ने वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के साथ गठबंधन किया है। इसी के तहत पार्टी ने इस बार चुनाव में तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से पार्टी को कुथुपरम्बा सीट पर जीत मिली। जबकि बाकी की दो सीटों पर RJD के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे।
जानकारी के मुताबिक, पीके प्रवीण एक कारोबारी हैं और उन्होंने तमिलनाडु के चिदंबरम में स्थित अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और एम फिल की पढ़ाई की है। चुनाव आयोग में दायर किए गए हलफनामें के मुताबिक, वो सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं। जिसमें 1.33 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.05 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसके अलावा प्रवीण पर करीब 15 लाख रूपए की देनदारी भी है। चुनावी हलफनामे के अनुसार, पीके प्रवीण के ऊपर कोई भी आपराधिक मामला नहीं है। विषेशज्ञों का मानना है कि उनकी इसी साफ सुथरी छवि और शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने मतदाताओं को उनकी ओर आकर्षित करने का काम किया और प्रवीण की जीत में अहम भूमिका निभाई।
केरल चुनाव में इस बार बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी LDF के लिए प्रचार प्रसार किया था। तेजस्वी ने 16 मार्च को पटना में उन्होंने कहा था, केरल में RJD LDF के हिस्से के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ रही है। उन्होंने तभी उम्मीद जताई थी कि RJD इस चुनाव में पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
यह पहली बार नहीं है जब RJD ने केरल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई हो। इससे पहले दिसंबर 2025 में हुए निकाय चुनाव में भी पार्टी ने कुल 63 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी ने वायनाड की कल्पेट्टा, कोझिकोड की वडकारा और कन्नूर की कुथुपरम्बा सीट पर चुनाव लड़ते हुए कड़ी टक्कर दी थी।