All-Party Meeting: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इससे पहले, रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हो रही है, जिसमें केंद्र और विपक्ष ने अपनी रणनीतियां स्पष्ट कीं। सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र और मतदाता सूची जैसे मुद्दों पर गरमागरम बहस होने के आसार हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के दोनों सदनों के नेताओं से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल, जेपी नड्डा और दूसरे बड़े नेताओं ने ऑल-पार्टी मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। रिजिजू ने कहा कि वे विपक्षी नेताओं की बात सुनेंगे।
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में केंद्र और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर हंगामा छिड़ने के आसार अभी से नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने बैठक के बाद सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गोगोई ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री "भारत के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म" करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह "संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र" है, और ऐसा लगता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है।
कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता सूची की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की। विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा भी उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा, सोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों को भी उठाने की संभावना है।
माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की "पोल खोल दी है"। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है। ब्रिटास ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि संसद बाधित होती है और ठप्प होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "शीतकालीन सत्र में हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे।" रिजिजू ने उम्मीद जताई कि सत्र में कोई व्यवधान नहीं होगा। उन्होंने जोर दिया कि यदि हम शांत मन से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा।
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केंद्र सरकार इस तीन सप्ताह लंबे शीतकालीन सत्र में अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। यह सत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के बाद आयोजित हो रहा है।