Rahul Gandhi Letter To PM Modi: अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग किए जाने के बाद सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडी गठबंधन आमने-सामने आ गए हैं।
राहुल गांधी और खरगे ने अपने पत्र में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद, सोना, चांदी और अन्य दान का पूरा सार्वजनिक लेखा-जोखा सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक प्रभाव से परे स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर एक्स हैंडल पर साझा किया और लिखा कि श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है। ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
सरकार से मामले की तत्काल जांच की मांग करते हुए राहुल ने लिखा कि इसकी स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए। आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
राहुल गांधी की मांग पर भाजपा विधायक राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती रही है और अब अचानक राम की चिंता जताना महज राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि दान चोरी के मामले की जांच पहले से चल रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में दान चोरी जैसे गंभीर मामले में किसी का बचाव नहीं किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी कार्रवाई कर रही है। सात से आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। अंतिम रिपोर्ट जल्द आएगी तथा सभी दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
निरुपम ने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे अब इस मुद्दे पर खुद को राम भक्त दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक कोशिश बताया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विपक्ष के रुख का बचाव करते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी पूरे देश के लिए दुखद और शर्मनाक मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
ये भी पढे़ं- अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर ऐक्शन पर रोक, यथास्थिति बनाए रखने का आदेश; कोर्ट ने सरकार से मांगे दस्तावेज
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी विपक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाना विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है और वही किया जा रहा है। राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच एसआईटी कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच में जुटी हुई है।