अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर ऐक्शन पर रोक, यथास्थिति बनाए रखने का आदेश; कोर्ट ने सरकार से मांगे दस्तावेज

West Bengal News: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से भवन से जुड़े दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया है।
Bulldozer action against Abhishek Banerjee's office stayed; order to maintain status quo; court seeks documents from the government.
अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई (सोर्स- IANS)
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Abhishek Banerjee Office Demolition: तृणमूल कांग्रेस के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को रविवार को कोकलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने दक्षिण 24 परगना जिले में डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र वाली पार्टी ऑफिस को ध्वस्तीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। रविवार को विशेष सुनवाई के दौरान जस्टिस राजा बसु चौधरी ने बंगाल सरकार को अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित ऑफिस से संबंधित सभी दस्तावेज को कोर्ट में पेश करने का निर्देश भी दिया है।

प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए गए भवन को लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के स्वामित्व वाला बताया जा रहा है। एक अन्य मामले में ईडी ने दावा किया है कि अभिषेक बनर्जी इस कंपनी के सीईओ हैं।

जुलाई तक कार्रवाई पर लगी रोक

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को डायमंड हार्बर रोड स्थित इस भवन पर जुलाई माह के अंत तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि तब तक इस भवन में किसी भी प्रकार का तोड़फोड़ न किया जाए। अब नियमित पीठ के सामने मामले की अगली सुनवाई होगी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही शनिवार को इस भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी। प्रशासन की यह कार्रवाई बिना स्वीकृत नक्शे के भवन बनाने और निर्माण में नियमों का उल्लंघन के आरोप में की गई थी।

अभिषेक ने कार्रवाई को बताया असंवैधानिक

ऑफिस पर प्रशासन की कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए अभिषेक बनर्जी ने अपने एक्स हैंडल पर सरकार की कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने लिखा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों के बावजूद कि बुलडोजर से तोड़-फोड़ करना असंवैधानिक है, कल अमतला में मेरे लोकसभा क्षेत्र के कार्यालय को तोड़ दिया गया।

आगे उन्होंने लिखा कि वीडियो में दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस बीजेपी के गुंडों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, कागजात, टेबल, कुर्सियां ​​और दूसरे फर्नीचर से भरे बक्से ले जा रही है।

बंगाल पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह तोड़-फोड़ नहीं थी, यह वर्दी में चोरी थी, जिसे कानून का कोई सम्मान किए बिना और हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अंजाम दिया गया। जिन लोगों का काम कानून का पालन कराना है, वे ही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस पर शर्म आती है!

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