Highlights:
राहुल गांधी ने एक्स पर दावा किया कि कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें दुकानें बंद मिलीं।
राहुल गांधी ने इसके लिए बीजेपी पर जबरन दुकानें बंद करवाने का आरोप लगाया।
व्यापारियों के संगठन CTI ने भी रैली के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
Rahul Gandhi Allegations Against BJP: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि 'INDIA' गठबंधन के मार्च को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कनॉट प्लेस में जबरन दुकानें बंद करवा दीं, जिससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से रामलीला मैदान में होने वाले मार्च के लिए कनॉट प्लेस की ओर जाते समय, अपनी गाड़ी से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने रैली में आने वालों से कनॉट प्लेस में खरीदारी करने के लिए कहा था, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा हो सके।
राहुल गांधी ने कहा, "लेकिन, कनॉट प्लेस पहुंचने पर पता चला कि BJP ने जबरन सारी दुकानें बंद करवा दी हैं।" कांग्रेस नेता ने BJP पर दुकानदारों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "देश देख रहा है कि BJP किस तरह दुकानदारों को नुकसान पहुंचा रही है।" इस आरोप पर अभी तक BJP की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, "हमने सबसे कहा था कि जब आप यहां मार्च और मेगा रैली के लिए आएं, तो कुछ चीजें खरीदें, थोड़ी खरीदारी करें। लेकिन, जब हम यहां कनॉट प्लेस पहुंचे, तो पता चला कि बीजेपी ने जबरदस्ती सारी दुकानें बंद करवा दी हैं। इसलिए, आपको पता होना चाहिए कि व्यापारियों का नुकसान कौन करवा रहा है और यह कैसे हो रहा है।"
आपको बताते चलें, कि रविवार की सुबह चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चौथा पत्र लिखा था। इस पत्र में रामलीला मैदान में होने वाली 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली से दिल्ली के व्यापार और परिवहन क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई थी।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेतावनी दी है कि लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं और 10 किलोमीटर के दायरे में परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का कारोबार खतरे में पड़ सकता है।
दिल्ली में व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री पिछले कई दिनों से कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से रैली की तारीख आगे बढ़ाने की अपील कर रहा था। लेकिन, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बात नहीं मानी। अब दिवाली के पीक सीजन पर व्यापारियों का बाजार बड़े तौर पर प्रभावित हो रहा है।