पुलवामा हमले के बाद की तस्वीर (फोटो- सोशल मीडिया) 
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Amazon से आया था पुलवामा हमले का विस्फोटक, PayPal से हुआ पेमेंट, FATF का खुलासा

FATF की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पुलवामा हमले में इस्तेमाल विस्फोटक अमेजन से मंगवाया गया और पेपैल से भुगतान हुआ। आतंकी संगठन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग फंडिंग और हमलों के लिए कर रहे हैं।

अक्षय साहू

नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले को लेकर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। FATF की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन से मंगवाया गया था, जिसका भुगतान पेपैल के जरिए किया गया था। आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखने वाली इस वैश्विक संस्था ने अपनी रिपोर्ट में 2022 में उत्तर प्रदेश स्थित गोरखनाथ मंदिर में हुई घटना का भी उल्लेख किया है।

FATF की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी संगठन अब आतंकवादी गतिविधियों के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइटों और डिजिटल भुगतान सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये संगठन पारंपरिक फंडिंग के साथ-साथ ऑनलाइन पेमेंट, गेमिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स साइट्स जैसे डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं।

पुलवामा में 40 जवान हुए थे शहीद

पुलवामा में 2019 में हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, 3 अप्रैल 2022 को गोरखनाथ मंदिर में घुसपैठ की एक कोशिश हुई थी, जिसमें इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवेंट (आईएसआईएल) की विचारधारा से प्रभावित एक व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। FATF ने वैश्विक सरकारों और डिजिटल कंपनियों को आगाह किया है कि वे इन प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं, क्योंकि ये अब आतंकवादी संगठनों के लिए एक नया और शक्तिशाली माध्यम बनते जा रहे हैं।

FATF ने अपनी 131 पेज की रिपोर्ट में यह बताया है कि आतंकवाद की फंडिंग के तरीके लगातार बदल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में आतंकवाद की फंडिंग को समझने और उसे रोकने की क्षमता अभी भी गंभीर रूप से कमजोर है। यदि इन कमियों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो आतंकी संगठन इन कमजोरियों का लाभ उठाते रहेंगे।

वित्तीय सहायता के बिना हमले असंभव

जून में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए FATF ने कहा था कि ऐसी घटनाएं वित्तीय सहायता के बिना संभव नहीं हो सकतीं। संगठन ने यह भी घोषणा की थी कि वह अपने 200 सदस्य देशों और क्षेत्रों से प्राप्त मामलों को संकलित कर आतंकवादी वित्तपोषण पर एक व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करेगा।

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