काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
देश

तीसरे कार्यकाल में पहली बार काशी पहुंचेंगे पीएम मोदी, जानिए क्या होने वाला है खास?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार कुर्सी संभालने के बाद इस कार्यकाल में पहली पार अपने संसदीय वाराणसी पहुंचेंगे। यहां वह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। पीएम मोदी के इस दौरे में और क्या कुछ ख़ास होने वाला है देखिए इस रिपोर्ट में..

अभिषेक सिंह

लखनऊ:  मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी तीसरे कार्यकाल में पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे। यहां वह हर बार की तरह इस बार भी काशी विश्वनाथ मंदिर में हाज़िरी लगाएंगे। पीएम मोदी यहां एक मेंहदीपुर में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साथ ही शाम को दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली गंगा आरती में भी हिस्सा लेंगे।

पीएम मोजी के स्वागत के लिए यहां विशेष तैयारियां की जा रही हैं। काशी में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी के ग्रैंड वेलकम की तैयारियां कर रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर जनसभा स्थल तक को फूलमालाओं से सजाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं में जोश का माहौल देखने को मिल रहा है।

पीएम मोदी मंगलवार को 3.30 बजे लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए सीधा मेंहदीगंज जनसभा स्थाल पर पहुंचेंगे। जनसभा के दौरान वह डीबीटी के माध्यम से 9.26 करोड़ किसानों के खाते में करीब 20 हजार करोड़ की किसान सम्मान निधि का ट्रांसफर भी करेंगे।

इस दौरान पीएम मोदी स्वयं सहायता समूह की 30 हजार महिलाओं को प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे। जानकारी के मुताबिक किसान सम्मेलन में 50 हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जनसभा को संबोधिक करने के बाद पीएम मोदी दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली गंगा आरती में हिस्सा लेंगे और बरेका में रात्रि विश्राम करेंगे।

आज की ताजा खबर 18 अगस्त LIVE: तेजस्विन, दिव्या समेत 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, फांसी पर SC का बड़ा बयान

जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन, पूर्व जज और CBI चीफ करेंगे आरोपों की जांच

फांसी की जगह मिलेगा मौत का इंजेक्शन? सुप्रीम कोर्ट से नए कानून की मांग, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

जेपी नड्डा की हुई एंजियोप्लास्टी, दिल्ली AIIMS में चल रहा इलाज; सामने आया हेल्थ अपडेट

कंगना ने दिया कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब, बोली- वंदे मातरम से पाकिस्तानियों से ज्यादा कांग्रेस क्यों तड़पती है?