Parliament Monsoon Session Ruckus: संसद का मानसून सत्र खत्म होने में अब दो ही दिन बचे हैं। 20 जुलाई को सत्र शुरू होने के अब तक विपक्ष अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। आज भी सदन विपक्ष के हंगामे के कारण नहीं चल पाया और राज्यसभा और लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
मंगलवार को संसद परिसर में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। विपक्ष अयोद्धा राम मंदिर चंदा चोरी और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है, लेकिन आज सरकार ने विपक्ष पर सदन में चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि 12 बजे सदन शुरू होने के साथ ही विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके चलते राज्यसभा को भी दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले राज्यसभा में हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए सदन में खड़े हुए। हालांकि राज्यसभा में जारी हंगामे के कारण वह अपनी बात नहीं रख सके।
दरअसल राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर तक शांति बनी रही। इस दौरान संसद की विभिन्न समितियों से जुड़ी कई रिपोर्टों व पेपर सदन में रखे गए। कई सदस्यों ने यहां अपनी अपनी समितियों से जुड़ी रिपोर्ट व पेपर सदन में प्रस्तुत किए। इस कार्यवाही के बाद राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की जानी थी। लेकिन तभी विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष के कई सांसद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के उपयोग का मुद्दा सदन में उठाना चाहते है। वहीं कई सांसद राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा उठा रहे हैं। इसको लेकर सदन में लगातार हंगामा व नारेबाजी होती रही। राज्यसभा व लोकसभा दोनों ही सदनों में मंगलवार को यह हंगामा जारी रहा।
लोकसभा में सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी को देखते हुए कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा में भारी हंगामे व नारेबाजी के बीच कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही संचालित की गई। लेकिन कुछ ही देर बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।