पाकिस्तान को अपनी सेना और असीम मुनीर पर बहुत घमंड था और इसी के दम पर वह भारत को लगातार गीदड़भभकी भी देता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानियों के इस घमंड को चकनाचूर कर दिया। इतना ही नहीं पड़ोसी मुल्क जिस राफेल को मार गिराने का दम भर रहा था वो डीआरडीओ का तैयार किया हुआ एक डमी प्लेन निकला। भारत ने बहुत ही चालाकी के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए अनोखी और चतुर रणनीति बनाई थी। 9 और 10 मई की रात को इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान को पहले बेवकूफ बनाया और बिना पायलट वाले ड्रोन प्लेन का इस्तेमाल किया, जो सुखोई-30 तथा मिग-29 जैसे फाइटर प्लेन की तरह दिखते थे। इन्हीं डमी प्लेन्स को पाकिस्तान भेजा गया और फिर पता चला कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर रहा है। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए।
भारतीय वायुसेना ने इन डमी ड्रोन्स को इस तरह से तैयार किया कि जब यह पाकिस्तान रडार में आएं तो यह सुखोई-30 और मिग-29 की तरह दिखें। साथ ही यह ड्रोन पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए असली खतरे की तरह लगें। पहले तो इन ड्रोन्स ने चीनी एचक्यू-9 को एक्टिव कर दिया। फिर पाकिस्तानी एयरफोर्स के विमानों को गलत जगह पर भेजा, जिससे उसके रडार तथा कमांड सेंटर की स्थिति उजागर हो गई। जब पाकिस्तान ने अपने रडार और मिसाइल सिस्टम चालू किए तो फिर इधर से भारत ने इजरायल वाले हारोप ड्रोन भेजने शुरू कर दिए।
बता दें कि कि इस ड्रोन को सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है। यह ड्रोन रडार की तरंगों का पीछा करते हैं और फिर उसको तबाह कर देते हैं। जब पाकिस्तान एयरफोर्स की एयर सिक्योरिटी कमजोर हुई तब भारतीय एयरफोर्स ने ब्रह्मोस मिसाइलों से 11 एयरबेस पर सटीक जगह पर हमले किए।
ड्रोन को अलग-अलग रडार और इन्फ्रारेड सिग्नल के साथ भेजा गया था. जिससे कि दुश्मन देश को ऐसा लगा कि कोई बड़ा हमला होने वाला है। इस डर से पाकिस्तान ने अपना पूरा एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया। लड़ाकू विमानों को गलत जगह पर भेजा गया। इस बीच असली हमला करने के लिए तैयारी पहले ही कर ली गई थी। जैसे ही मौका मिला तो ब्रह्मोस मिसाइलों से 11 एयरबेस पर हमला कर दिया।