नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान में तीन परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के लिए डोनाल्ड ट्रंप और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश करने वाले पाकिस्तान पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा, क्या इसके लिए पाकिस्तानी जनरल ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ लंच किया था? आज, वे सभी बेनकाब हो गए हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने न केवल पाकिस्तान के रवैये की निंदा की बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के खिलाफ भी आवाज बुलंद की। इतना ही नहीं उन्होंने भारत सरकार को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की निंदा करने की नसीहत भी दी।
पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से कहा कि हम ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग करेंगे। तो क्या ट्रंप को इसीलिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। इस राष्ट्रपति ने अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है। एनपीटी का उल्लंघन किया है।'
ओवैसी ने कहा, 'अमेरिका की नीति केवल इजरायल सरकार के अपराधों को छिपाने की है। गाजा में जो हो रहा है वह नरसंहार है और कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है। कोई यह क्यों नहीं पूछ रहा है कि इजरायल के पास कितने परमाणु भंडार हैं। अगर अमेरिका ईरान में इन तीन या चार जगहों पर बमबारी करता है तो वे रुकेंगे नहीं।'
ओवैसी ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ इशारा करते हुए कहा कि 'इस आदमी ने फिलिस्तीनियों का नरसंहार किया है। वह वेस्ट बैंक और गाजा में फिलिस्तीनियों का जातीय सफाया कर रहा है। इतिहास उसे फिलिस्तीनियों के नरसंहार के रूप में याद रखेगा।'
ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ जाता है, तो इसका भारत के लिए गंभीर परिणाम होगा। उन्होंने कहा कि हमें यह भी याद रखना चाहिए कि खाड़ी और मध्य पूर्व में 16 मिलियन से अधिक भारतीय रहते हैं और अगर उस क्षेत्र में युद्ध छिड़ जाता है, जो दुर्भाग्य से बहुत संभव है, तो इसका वहां रहने वाले भारतीयों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।' ईरान में 700 से अधिक भारतीय छात्र अभी भी मौजूद, 1100 से ज्यादा सुरक्षित लौटे स्वदेश
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हमारी सरकार अमेरिका द्वारा की गई इस एकतरफा बमबारी की निंदा करेगी, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। सरकार को आज ईरानी परमाणु संयंत्रों पर हुई बमबारी की निंदा करनी चाहिए।'