सांकेतिक तस्वीर(Image- Social Media) 
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एक देश, एक चुनाव पर बड़ा अपडेट! मॉनसून सत्र में नहीं पेश होगा बिल, जानिए क्या है सरकार का नया प्लान

One Nation One Election: संसद के मॉनसून सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' बिल पेश नहीं होगा। JPC का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है, अब समिति अपनी रिपोर्ट शीतकालीन सत्र के आखिरी हफ्ते के पहले दिन सौंपेगी।

अर्पित शुक्ला

One Nation One Election JPC report: संसद के मॉनसून सेशन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के मुताबिक इस सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' से जुड़ा बिल पेश नहीं होगा। इसलिये यह साफ हो गया है कि इस सत्र में अब इस पर चर्चा नहीं होगी। वहीं जेपीसी को इस बिल पर अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी सप्ताह के पहले दिन तक सौंपने का समय दिया गया है।

संसद का मॉनसून सत्र जारी है और इस सेशन को लेकर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार वन नेशन वन इलेक्शन बिल को इस सत्र में पेश कर सकती है। लेकिन अब सामने आया है कि 'एक देश एक चुनाव' से जुड़ा, संविधान संशोधन विधेयक मॉनसून सत्र में पेश नहीं किया जाएगा।

शीतकालीन सत्र तक बढ़ा JPC का कार्यकाल

इस विधेयक को लेकर गठित की गई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब जेपीसी को अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के लास्ट वीक के पहले दिन तक सौंपनी होगी।

अब जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि समिति अपनी रिपोर्ट मौजूदा सेशन के दौरान पेश नहीं करेगी। इस तरह 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक पर आगे की प्रक्रिया अब शीतकालीन सत्र में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी।

लोक सभा से मिली मंजूरी

बता दें कि बुधवार को समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा बढ़ाने का लोकसभा में प्रस्ताव रखा। पीपी चौधरी ने शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक का वक्त मांगा था।

सदन में इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी मिल गई। संसद का शीतकालीन सत्र अक्सर पर नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले खत्म होता है। कार्यकाल बढ़ने से अब समिति को इस बड़े बदलाव पर और अधिक विचार विमर्श करने का समय मिल गया है।

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