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शशि थरूर ने मतदाता सूची से 13 करोड़ असली मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
शशि थरूर ने कहा कि चुनाव आयोग को लोगों के संवैधानिक अधिकार नहीं छीनने चाहिए।
थरूर ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की जरूरत पर जोर दिया।
Shashi Tharoor on Election Commission: दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रविवार को रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाली रैली के लिए अलग-अलग प्रदेशों से लोगों का पहुंच रहे है। इस रैली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सभी सांसद और नेता खरगे आवास पहुंच रहे है।
INDIA गठबंधन की मेगा रैली को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "हमें एक बिल्कुल साफ-सुथरी चुनाव सूची चाहिए। इसमें एक-दो मृत लोगों के नाम रह जाएं तो चलेगा, लेकिन 130 मिलियन (13 करोड़) असली लोगों के नाम हटा देना ठीक नहीं है।"
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "चुनाव आयोग को भारत के लोगों के संवैधानिक अधिकार नहीं छीनने चाहिए। उन्होंने जो किया, वह पूरी तरह गलत है। हमारे देश में पिछले 80 सालों से चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होते आए हैं, और कभी ऐसी समस्याएं नहीं आईं, न ही इतने बड़े पैमाने पर लोगों के नाम हटाए गए। आप 130 मिलियन मतदाताओं के नाम नहीं हटा सकते।"
शशि थरूर ने आगे कहा, "जैसा कि कल राहुल जी ने बताया था, भारत की वयस्क आबादी का 15% हिस्सा सूची से हटा दिया गया है। यह स्वीकार्य नहीं है। यह एक गंभीर समस्या है। हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। पूरा INDIA गठबंधन यहां मौजूद है। हमें इस रैली से काफी उम्मीदें हैं। यह पूरा भारत मिलकर संवैधानिक अधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि भारत के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।"
INDIA गठबंधन की मेगा रैली पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "अब आप देख सकते हैं कि गृह मंत्री और पूरी सरकार किस तरह डर के साये में है। बार-बार 'धारा 163' का हवाला देते हुए बयान जारी किए जा रहे हैं। लेकिन, जब नितिन नबीन सड़कों पर उतरते हैं, तब कभी 'धारा 163' लागू नहीं की जाती पर अब, जब हमारे और INDIA गठबंधन के बुलावे पर लोग बड़ी संख्या में बाहर आ रहे हैं, तो वे घबरा रहे हैं। घबराइए मत, परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। यह देश की आवाज है। आपको इसे सुनना ही पड़ेगा।"
रैली को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित करने की अनुमति दी गई है। रैली स्थल और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर करीब 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 1,000 पुलिसकर्मी बॉडी कैमरों से लैस होंगे।
एंट्री और एग्जिट गेटों पर विशेष निगरानी रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रहेंगी। जरूरत पड़ने पर कैमरों की फुटेज से घटनाओं की समीक्षा भी की जा सकेगी।
पुलिस यातायात कर्मियों के साथ मिलकर रामलीला मैदान के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेगी। भीड़ के हिसाब से प्रवेश और निकास मार्गों पर इंतजाम किए जाएंगे, ताकि लोगों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे। दिल्ली पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रैली आयोजित करने पर अनापत्ति दे दी है।
हालांकि, इसके लिए जमीन के मालिकाना हक वाले विभाग की पूर्व अनुमति और तय शर्तों का पालन जरूरी होगा। आयोजकों को पर्याप्त निगरानी उपकरण, प्रतिभागियों के लिए जरूरी सुविधाएं और सार्वजनिक सौहार्द बनाए रखने की व्यवस्था करनी होगी। रैली के बाद मैदान के बाहर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को शाम 5 बजे तक कार्यक्रम खत्म कराकर भीड़ को व्यवस्थित तरीके से रवाना करना होगा।