मनुस्मृति पर घमासान! राज्यसभा में जब भिड़े नड्डा और खरगे, सभापति को क्यों लेना पड़ा बड़ा एक्शन?

Mallikarjun Kharge Manusmriti Remark: राज्यसभा में एंटी पेपर लीक चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे के मनुस्मृति वाले बयान पर हंगामा हुआ। JP नड्डा ने इसे तथ्यों से परे बताकर ऑथेंटिकेट करने की मांग की।
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नड्डा और खरगे (Image- Social Media)
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Mallikarjun Kharge Manusmriti Remark Row: एंटी पेपर लीक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी पर हंगामा हुआ। इस दौरान सभापति ने भी खरगे को टोका और कहा कि मनुस्मृति का पेपर लीक बिल से क्या लेना-देना है। भाजपा ने खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। खरगे के बयान पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे के बयान से अशांति फैलेगी और उनकी टिप्पणी तथ्यों से परे है। साथ ही उन्होंनें इसे ऑथेंटिकेट करने के लिए भी कहा।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें डाली जा रही हैं। हालांकि, हंगामे के बाद खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया गया। इससे पहले नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है। मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें।

खरगे को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?

इस मामले पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी लगभग एक मिनट बोले। उन्होंने जैसे ही बोलना शुरू किया, सभापति ने उनको टोका। वहीं, सुधांशु त्रिवेदी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज विलियम जोंस के साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की किताब को कोट करते हुए अपनी बात रखी। इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य किताबों का रिफरेंस दिया और कहा कि इसीलिए कह रहा हूं कि ये अपने बयान को ऑथेंटिकेट करें।

प्रमोद तिवारी ने किया बड़ा दावा

वहीं, प्रमोद तिवारी ने भी एक किताब कोट करते हुए कहा कि यह किताब इनके कार्यकाल में छपी है और प्रतिबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ये कह रहे हैं, दिखा रहे हैं तो गलती इनकी है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि 12 साल से भाजपा की सरकार है। वहीं, नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए। ऐसे बयानों से अशांति फैलती है। इसके बाद सभापति ने खरगे की ओर से मनुस्मृति वाला बयान एक्सपंज करने की घोषणा की।

जितेंद्र सिंह ने क्या कहा?

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में मुख्य चार भर्ती एजेंसियां हैं। इनमें UPSC, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल। केंदिरीय मंत्री ने बताया कि हायर एजुकेशन में एडमिशन के लिए अब हमारे पास नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि एक नेशनल एजेंसी बनाने का सुझाव पहली बार 1992 में ही आया था।

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