'संसदीय इतिहास में इतनी व्यापक चर्चा कभी नहीं हुई', रिजिजू ने वक्फ पर बनी JPC की तारीफ में पढ़े कसीदे

रिजिजू ने बुधवार को विपक्षी सदस्यों से "अपना मन बदलने" और वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने विधेयक की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने बहुत व्यापक चर्चा।
'संसदीय इतिहास में इतनी व्यापक चर्चा कभी नहीं हुई', रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर JPC की तारीफ पढ़े कसीदे
किरेन रिजिजू (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नई दिल्लीः अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विपक्षी सदस्यों से "अपना मन बदलने" और वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने विधेयक की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने बहुत व्यापक चर्चा। रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक पर जितना व्यापक परामर्श भारत के संसदीय इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को पेश करते हुए रिजिजू ने कहा कि विधेयक को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि इसका उद्देश्य संपत्ति "हड़पना" है। रिजिजू ने लोकसभा में पारित करने के लिए मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी पेश किया।

'वक्फ विधेयक पर जेपीसी में ऐतिहासिक चर्चा हुई'

रिजिजू ने कहा "मैं कहना चाहता हूं कि दोनों सदनों की संयुक्त समिति में वक्फ संशोधन विधेयक पर जो चर्चा हुई है, वह भारत के संसदीय इतिहास में आज तक कभी नहीं हुई। मैं संयुक्त समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद और बधाई देता हूं। आज तक विभिन्न समुदायों के कुल 284 प्रतिनिधिमंडलों ने समिति के समक्ष अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। 25 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों ने भी अपनी दलीलें पेश की हैं।"

'वक्फ विधेयक से संबंधित 97.27 याचिकाएं आईं'

उन्होंने कहा कि पिछले साल अगस्त में पेश किए गए इस विधेयक के संबंध में 97.27 लाख याचिकाएं प्राप्त हुई थीं और इसकी जेपीसी द्वारा जांच की गई थी। मंत्री ने विपक्षी सदस्यों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि विधेयक असंवैधानिक है और कहा कि केंद्र ने विधेयक के जरिए कोई अतिरिक्त शक्तियां हासिल नहीं की हैं। इससे पहले कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर विधेयक को जबरन थोपने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपने संशोधनों को पेश करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, "आप वास्तव में विधेयक को जबरन थोप रहे हैं, आपको संशोधनों के लिए समय देने की जरूरत है, उनके पास संशोधनों के लिए समय नहीं है।"

कांग्रेस की आपत्ति पर ओम बिरला का जवाब

इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने सरकार और विपक्षी सदस्यों के संशोधनों पर बराबर विचार किया है। आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने बिल पर सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर कुछ आपत्तियां उठाईं, जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिल में शामिल किए गए संशोधनों को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, "आपका (विपक्ष का) आग्रह था कि संयुक्त संसदीय समिति बनाई जाए। हमारे पास कांग्रेस जैसी समिति नहीं है। हमारे पास लोकतांत्रिक समिति है, जो विचार-विमर्श करती है। 'कांग्रेस के जमाने में समिति होती थी जो थप्पा लगाती थी।'

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com