CWC Sonia Gandhi Clash: कांग्रेस कार्यसमिति में नीतीश कुमार की चर्चा होने से देश का सियासी माहौल गरमा गया है। यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और एक समय राहुल गांधी के राजनीतिक सलाहकार की भूमिका अदा कर चुके दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन से जाने से रोकना चाहिए था।
जिस पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कथित रूप से कहा कि जिनको जाना था वह जा चुके हैं। उनकी वही जगह थी। इसके बाद भाजपा से लेकर जेडीयू ने इस मामले पर अपना बयान दिया। जिसमें यह कहा गया कि कांग्रेस वंशवादी पार्टी है। जिसकी वजह से नीतीश कुमार वापस अपने पुराने घर एनडीए में आ गए।
हालांकि, इस पर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस ने अपनी कार्यसमिति, जो कांग्रेस की निर्णय लेने वाली सबसे सर्वोच्च इकाई है, में इस मुददे पर चर्चा कर राजनीतिक पासा चला था। जिसे भाजपा ने भी भांप लिया है।
भाजपा ने इस मुद्दे पर कोई भी बयान दिया हो। लेकिन उसे यह समझ आ गया है कि कांग्रेस एक बार फिर से नीतीश कुमार पर नरम हो गई है। जिससे बिहार और उसके बाद देश में राजनीतिक उथल-पुथल हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, कार्यसमिति में नीतीश कुमार पर चर्चा होने और इस बात के सार्वजनिक होने से यह संकेत निकाले जा रहे हैं कि यह कांग्रेस का एक नियोजित खेल था। जिसमें पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की भी सहमति थी। बिहार में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नीतीश कुमार इन दिनों नाराज बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा वह फरक्का जल संधि, यूसीसी पर भी असंतुष्ट हैं। इसका प्रमाण यह था कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपने सभी विधायकों-एमएलसी की बैठक तक बुलाई थी। ऐसे में ममता बनर्जी चाहती हैं कि कांग्रेस को पहल करते हुए नीतीश कुमार को साथ लाना चाहिए।
उनको फिर से बिहार का सीएम बनाना चाहिए, इसके लिए राजद से बात करनी चाहिए, अगर नीतीश कुमार इसके लिए तैयार हो जाते हैं तो जेडीयू अपने आप उनके साथ आ जाएगी। वहीं, उनकी पार्टी के एक-दो बड़े नेता जो कथित रूप से भाजपा के लिए कार्य करने के आरोपों के बीच अपनी पार्टी में भी अंतर-विरोध देख रहे हैं।
उनको भी नीतीश कुमार किनारे कर देंगे। जिससे बिहार में राजद-जेडीयू बनाम भाजपा का माहौल हो जाएगा। जिसमें भाजपा कहीं भी इस गठबंधन से आगे नहीं हो पाएगी।
गुजरात में भाजपा के खिलाफ सियासी तानाबाना बुनने में जुटी कांग्रेस ने इसके लिए राज्य के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला की घर वापसी को लेकर भी पटकथा लिखनी शुरू कर दी है। यह माना जा रहा है कि करीब 16 साल तक भाजपा में रहने वाले और एक समय मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात में बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठा कर घुमाने वाले शंकर सिंह वाघेला को अपने साथ फिर से लाकर कांग्रेस यहां पर चुनावी मैच को रोमांचक बनाना चाहती है।
वाघेला ने वर्ष 2017 में अचानक कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्होंने वर्ष 2022 में कांग्रेस में वापसी का प्रयास किया था। लेकिन उस समय कांग्रेस नेतृत्व ने उनको हरी झंडी नहीं दी थी। लेकिन कांग्रेस ने उनके बेटे वायड से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे। लेकिन उनकी हार हो गई थी।
शंकर सिंह वाघेला करीब 85 साल के हैं और वह राज्य के संभवत अकेले ऐसे नेता है। जो चार दलों में रहे हैं। वह करीब 16 साल भाजपा और कांग्रेस में 19 साल रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि अगले चुनाव में गुजरात में हम आपको हराएंगे। यह मेरी चुनौती और वादा भी है।