National Water Metro Policy 2026: केंद्र सरकार देशभर में 18 प्रमुख शहरों में जल परिवहन आधारित वाटर मेट्रो की तैयारी कर रही है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल के इस योजना के लिए प्रस्तावित विस्तार पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री ने की।
उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने देश भर के 18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवाएं शुरू करने की योजना पर प्रगति कर ली है। इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना के पहले चरण में गुवाहाटी को प्रमुखता दी गई है। इसका उद्देश्य अंतर्देशीय जलमार्गों को टिकाऊ शहरी परिवहन गलियारों में बदलना है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को कहा कि मंत्रालय ने अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए राष्ट्रीय वाटर मेट्रो नीति, 2026 का मसौदा भी प्रसारित किया है। यह जल-आधारित शहरी परिवहन प्रणालियों के लिए एक औपचारिक राष्ट्रीय ढांचा स्थापित करने के सरकार के इरादे को दर्शाता है। पहले चरण के लिए गुवाहाटी के अलावा, श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों को परियोजना के लिए चिन्हित किया गया है, जबकि असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ को दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित किया गया है।
एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनोवाल ने कहा कि यह पहल कोच्चि वाटर मेट्रो के अनुभव और सफलता पर आधारित है। यह पारंपरिक शहरी परिवहन प्रणालियों के लिए एक कुशल, पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी विकल्प प्रदान करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जल मेट्रो प्रणालियां मौजूदा जलमार्गों का उपयोग करती हैं और इनमें न्यूनतम नागरिक अवसंरचना की आवश्यकता होती है, इसलिए इसमें लागत भी काफी कम है।
इसी प्रकार निर्माण में लगने वाला समय, भूमि की आवश्यकता और परिचालन लागत भी कम है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड नौकाओं के माध्यम से। यह प्रणाली एक व्यवहार्य और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन समाधान प्रदान करती है।
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मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से घनी आबादी वाले शहरों में सड़क पर भीड़ कम होगी। साथ ही यात्रियों को सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव भी मिलेगी। मेट्रो परियोजनाओं को दैनिक यात्रियों और पर्यटकों दोनों की जरूरतों को पूरा करने वाली एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के रूप में योजनाबद्ध किया जा रहा है।
मंत्रालय ने स्वदेशी नौका निर्माण और निर्बाध मल्टी-मोड कनेक्टिविटी को प्रोत्साहित करते हुए नौका डिजाइन, टर्मिनल, चार्जिंग अवसंरचना और सुरक्षा प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने का प्रस्ताव दिया है। सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापक भागीदारी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को शामिल करने के लिए राज्यों से भी राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति के मसौदे पर परामर्श किया जाएगा।