Maulana Sajid Rashidi On Rath Yatra: अयोध्या स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और संघ पर हमलावर है। संघ की भूमिका पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। इस मामले पर अब ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी में भी निशाना साधा है। रशीदी ने चंपत राय, मोहन भागवत और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने विश्व हिंदू परिषद पर सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत से ही विश्व हिंदू परिषद शक के घेरे में रही है। रथ यात्रा के दौरान 1,400 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, लेकिन इसका कभी कोई सही हिसाब-किताब नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि अब जब राम मंदिर मामले में चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, तो ऐसा लगता है कि VHP को क्लीन चिट देने और चंपत राय को बेगुनाह साबित करने की कोशिशें की जा रही हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है और सबसे पहली बात यह है कि इस्तीफा है कहां? आज तक इस्तीफा पब्लिक डोमेन में तो आया नहीं। जब पब्लिक डोमेन में इस्तीफा नहीं है, तो उसको वापस लेने की जरूरत क्या है?
आगे उन्होंने कहा कि पहले तो सरकार, सरकार के लोग, चंपत राय या जो भी इस तरह की बातें कर रहे हैं, वे पब्लिक डोमेन में उनका इस्तीफा दिखाएं, उस पर बात करें। जब पब्लिक डोमेन में इस्तीफा है नहीं, इस्तीफा हुआ नहीं, तो उस पर बात करने की जरूरत क्या है?
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ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर कहा, "मोहन भागवत जी को एक स्पष्ट बयान देना चाहिए था। मोहन भागवत जब हर विषय पर मुसलमानों के बारे में बयान देते हैं, तो इस पर खास तौर से बयान देना चाहिए था।
रशीदी ने बताया कि यह तो इतना बड़ा मामला है। करोड़ों लोगों की आस्था को ठगा गया है। मैं तो इसको पैसे की चोरी मानता ही नहीं, यह तो आस्था की चोरी है और इस आस्था की चोरी पर कहीं न कहीं मोहन भागवत को बयान देना चाहिए।