चंपत राय का इस्तीफा न हो स्वीकार, पीछे हैं विदेशी ताकतें... राम मंदिर विवाद पर नासिक से उठी बड़ी आवाज!

Champat Rai Resignation: राम मंदिर ट्रस्ट विवाद के बीच नासिक के महंत सुधीर दास पुजारी महाराज ने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार न करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे विदेशी ताकतें है।
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महंत सुधीर दास पुजारी महाराज (सोर्स: आईएएनएस)
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Nashik Mahant Sudhir Das Demands Not To Accept Champat Rai Resignation: अयोध्या में राम मंदिर चंदा चारी विवादों को लेकर मचे घमासान के बीच, अब धर्मनगरी नासिक से चंपत राय के समर्थन में एक बड़ी आवाज बुलंद हुई है। नासिक के प्रसिद्ध महंत सुधीर दास पुजारी महाराज ने इस पूरे विवाद को एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए मांग की है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

महंत सुधीर दास ने चंपत राय के व्यक्तित्व और उनके योगदान पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन केवल राम जन्मभूमि आंदोलन और उससे जुड़े कार्यों के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा, चंपत राय जैसे निर्लोभ और निस्वार्थ राम भक्त ढूंढने से भी मिलना मुश्किल हैं। महंत का मानना है कि जिस व्यक्ति ने अपनी पूरी जिंदगी इस पावन कार्य में खपा दी, उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना न केवल अनुचित है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

विदेशी ताकतों और FCRA का कनेक्शन

इस विवाद में एक चौंकाने वाला मोड़ देते हुए महंत सुधीर दास ने दावा किया कि चंपत राय के खिलाफ लग रहे इन आरोपों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत सरकार द्वारा FCRA के कानूनों को कड़ा किए जाने से कई अंतरराष्ट्रीय और धार्मिक संगठन नाराज हैं। महंत के अनुसार, विशेष रूप से कुछ ईसाई और मुस्लिम संगठन इस बदलाव से सबसे ज्यादा परेशान हैं और अब वे भारत के मंदिरों और हिंदू धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे हिंदुओं की आस्था पर एक बड़ा आघात बताया है।

राजनीतिक षड्यंत्र और 'गुड़दू यादव' का जिक्र

महंत ने इस मामले में समाजवादी पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय जैसे विश्व हिंदू परिषद और संघ के कद्दावर नेता को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ऐसी जानकारी सामने आई है कि गुड्डू यादव और उनके रिश्तेदारों ने पिछले कई वर्षों में अखिलेश यादव को कई फोन कॉल किए हैं, जिससे इस विवाद के राजनीतिक जुड़ाव की गंध आती है।

न्याय प्रक्रिया पर भरोसा

हालांकि, महंत ने यह स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार या चोरी का समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी चोरी या अनियमितता हुई है, वहां योगी सरकार और कानून अपना काम करेगा। जो लोग वास्तव में दोषी हैं, उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए, लेकिन इसके बहाने चंपत राय जैसे समर्पित व्यक्ति की छवि को धूमिल करना गलत है।

उन्होंने दोहराया कि नासिक के सभी संत और महात्मा इस मांग के साथ खड़े हैं कि चंपत राय अपने पद पर बने रहें और विदेशी ताकतों के इस षड्यंत्र को सफल न होने दिया जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट पर विपक्षी दल लगातार हमले कर रहे हैं, लेकिन संतों के इस कड़े रुख ने विवाद को एक नया धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय आयाम दे दिया है।

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