मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की आग, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की आग! अगवा किए गए 6 नागा ग्रामीणों के शव बरामद, इलाके में तनाव का माहौल

Manipur Violence: मणिपुर पुलिस के एक बयान में कहा गया कि माना जा रहा है कि मृतक 13 मई को लेइलोन वाइफेई क्षेत्र (कांगपोकपी जिला) से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे।

मनोज आर्या

Manipur Violence Latest News: 13 मई को विभिन्न आदिवासी समुदायों से संबंधित सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा किए गए छह नागा समुदाय के सदस्यों के शव बुधवार को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक वन क्षेत्र से बरामद किए गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए लगभग 24 घंटे के व्यापक तलाशी अभियान के बाद, कांगपोकपी जिले के सैतु-गाम्फाजोल उपमंडल में स्थित खारम वैफेई गांव के पास एक वन क्षेत्र में छह शव मिले। यह गांव मुख्य रूप से कुकी-जो आदिवासी बस्ती है।

बड़े पैमाने पर चलाए गए तलाशी अभियान में मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के लगभग 450 जवान शामिल थे। अभियान के दौरान खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी तैनात किया गया था।

शवों का इम्फाल में कराया जा रहा पोस्टमार्टम

मणिपुर पुलिस के एक बयान में कहा गया कि माना जा रहा है कि मृतक 13 मई को लेइलोन वाइफेई क्षेत्र (कांगपोकपी जिला) से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। आगे की जांच जारी है। शवों को पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के लिए इम्फाल स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) ले जाया जा रहा है।

14 कुकी बंधकों की रिहाई के बाद मिला शव

शवों की बरामदगी मंगलवार को कुकी समुदाय के 14 बंधकों की रिहाई के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिन्हें लगभग चार सप्ताह तक बंधक बनाकर रखा गया था। मंगलवार शाम को नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने संबंधित समूहों से 13 मई से बंधक बनाए गए छह नागा ग्रामीणों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार दोपहर को यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) और नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एनपीओ) द्वारा 14 कुकी ग्रामीणों को सेनापति जिले के एक पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।

नागालैंड सीएम ने की थी अपील

नागालैंड के मुख्यमंत्री रियो ने छह नागा बंधकों की सुरक्षित रिहाई के लिए पारस्परिक और मानवीय दृष्टिकोण से अपील की थी ताकि वे अपने प्रियजनों के पास लौट सकें। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसे प्रयास समुदायों के बीच वास्तविक शांति, सुलह और सद्भाव के लिए विश्वास, समझ और संवाद का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस घटनाक्रम से मणिपुर में विश्वास बहाल करने, मतभेदों को दूर करने और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करने में मदद मिलेगी।

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