Mani Shankar Aiyar News: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह “गांधीवादी”, “नेहरूवादी” और “राजीववादी” हैं, लेकिन “राहुलवादी” नहीं हैं। उनका तर्क था कि राहुल गांधी उनसे लगभग 30 वर्ष छोटे हैं और उन्हें उनके साथ काम करने का अवसर नहीं मिला।
अय्यर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद को “इंदिरावादी” नहीं कहा, क्योंकि इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल से वह पूरी तरह असहमत थे। उनके अनुसार, आपातकाल ने भारतीय लोकतंत्र को तानाशाही में बदल दिया था, भले ही वह अवधि 18 महीनों की ही क्यों न रही हो।
अय्यर ने बताया कि बचपन में उन्हें महात्मा गांधी ने गोद में उठाकर स्नेह दिया था, जिससे वह स्वयं को गांधीवादी मानते हैं। जहां तक जवाहरलाल नेहरू का सवाल है, उन्होंने कहा कि उनके बचपन और युवावस्था के वर्ष नेहरूवादी विचारधारा के माहौल में बीते, इसलिए वह खुद को नेहरूवादी भी मानते हैं।
अय्यर ने कहा कि राजीव गांधी भले ही उनसे दो साल छोटे थे, लेकिन उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करने का अवसर दिया। इस विश्वास और जिम्मेदारी ने उन्हें “राजीववादी” बना दिया।
अय्यर हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखी टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी असहमति की आवाज को बर्दाश्त नहीं कर सकती, तो यह मुख्य विपक्षी दल के लिए विनाशकारी स्थिति है। उन्होंने यह चुनौती भी दी कि राहुल गांधी 1989 में राजीव गांधी द्वारा दिए गए “सिर्फ धर्मनिरपेक्ष भारत ही कायम रह सकता है” वाले बयान को दोहराएं।
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इसके अलावा, अय्यर ने हाल में पिनराई विजयन की तारीफ की थी और उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई थी। इसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी से खुद को अलग बताते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।