Sonam Wangchuk Hunger Strike: कॉकरोच जनता पार्टी के साथ सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हुए है। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 15 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है और अब उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य को लेकर देश भर में चिंता का माहौल है। देश भर से लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे है और उन्हें अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील कर रहे है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। ममता बनर्जी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हालचाल जानने के लिए उनसे फोन पर बात की। उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के प्रति भी एकजुटता जताई।
ममता बनर्जी के समर्थन का स्वागत करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी दीदी ने सोनम वांगचुक सर से बात करके उनकी सेहत का हाल-चाल जाना। उन्होंने उनसे मजबूत बने रहने को कहा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए CJP के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। हमारे मकसद के प्रति ममता दीदी की चिंता, एकजुटता और समर्थन के लिए मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।
https://twitter.com/abhijeet_dipke/status/2077011553656697176
सीजेपी ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया था। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन के साथ जुड़े हुए हैं।
यह भी पढ़ें - सीजेपी के प्रोटेस्ट में जाएंगे उद्धव ठाकरे! प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया ऐलान, बोले- हर कोई इस आंदोलन से जुड़े
बाद में वांगचुक ने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वह अनशन पर बैठेंगे। केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू कर दिया।
उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए विभिन्न पक्षों की ओर से उनसे अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने की अपील की गई है। वांगचुक, अभिजीत दिपके के समर्थन में दिल्ली में अनशन कर रहे हैं। दिपके जंतर-मंतर पर धरना देकर मई में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए थे। मंगलवार को इस आंदोलन को ममता बनर्जी का समर्थन मिला।