बेंगलुरु: राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति से बचने की अपील करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जब देश के सामने बड़ा संकट हो, तब एकजुटता सबसे बड़ी जरूरत होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे समय में सभी नेताओं को संयम बरतना चाहिए और बयानबाजी से दूर रहना चाहिए। खड़गे ने कहा कि जब तक किसी प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक चुनावी भाषण या प्रचार नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे आत्मप्रशंसा के बजाय देश को एकजुट रखने की दिशा में पहल करें।
खड़गे ने यह भी कहा कि पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है और उनके पराक्रम पर किसी को संदेह नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को चुनावी मंच से दूर रखें। उनका कहना था कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर सभी दलों को विश्वास में ले, ताकि एक स्वर में जवाब दिया जा सके। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि पाकिस्तान तक ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की है।
राष्ट्रीय संकट पर एकजुटता की जरूरत खड़गे ने दो टूक कहा कि जब राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा कोई मसला सामने आता है, तो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकता दिखानी चाहिए। इस समय किसी भी नेता को बयान देने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि वास्तव में हुआ क्या है। इससे पहले कि कोई राय बनाए या सार्वजनिक मंच पर बोले, तथ्यात्मक जानकारी का इंतज़ार किया जाना चाहिए। यह राष्ट्रीय हित में ज़रूरी है।
पीएम को चुनावी भाषण से परहेज की सलाह
उन्होंने कहा कि जब तक प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे चुनावी रैलियों में इस मुद्दे पर बात करने से बचें। उनका कहना था कि इस समय आत्मप्रशंसा से ज़्यादा जरूरी है राष्ट्र को एकजुट रखना। उन्होंने सुझाव दिया कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए, जहां सभी पक्षों की राय लेकर आगे की रणनीति बनाई जाए।