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जीवा की हत्या के आरोपी का कोई "गंभीर" आपराधिक इतिहास नहीं: पुलिस अधिकारी

शुभम सोनडवले

जौनपुर (उप्र). गैंगस्टर नेता मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्य संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की लखनऊ अदालत परिसर के भीतर हत्या करने का आरोपी विजय यादव यहां के केराकत कोतवाली क्षेत्र में रहता है और पुलिस को उसके किसी ‘‘गंभीर'' आपराधिक इतिहास का पता नहीं चला है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

जीवा की हत्या के बाद विजय की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही केराकत के पुलिस क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा समेत थाने की पुलिस विजय के सर्की सुल्तानपुर गांव पहुंची और लोगों से उसके आपराधिक इतिहास के बारे में पूछताछ की। शर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि विजय यादव पर आजमगढ़ के थाना देवगांव में 2016 में एक नाबालिग लड़की को भगाने का मामला दर्ज है और दूसरा मामला 2020 में कोरोना वायरस काल के समय का है।

उन्होंने कहा कि उसके किसी ‘‘संगीन'' अपराध में लिप्त होने का कोई पुलिस रिकार्ड नहीं मिला है। विजय यादव के पिता श्यामा यादव ने बताया कि उसका बेटा मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करता था और बाद में वह नौकरी छोड़कर घर चला आया।

श्यामा ने बताया कि नौकरी छोड़ने के डेढ़ महीने बाद विजय रोजगार की तलाश में लखनऊ चला गया था जहां वह पानी के पाइप लगाने का काम करता था। उसने बताया कि गत 10 मई को विजय अपनी ममेरी बहन की शादी में शामिल होने आया था और अगले दिन वह लखनऊ वापस चला गया था और तब से श्यामा की अपने बेटे से बात नहीं हुई।

श्यामा ने बताया कि परिवार के लोगों ने जब विजय से बात करने का प्रयास किया तो उसका फोन बंद आ रहा था और उन्हें आज की घटना की जानकारी ग्राम प्रधान के माध्यम से मिली। (एजेंसी)

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