विदेश मंत्री एस. जयशंकर  सोर्स-IANS
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India CELAC Meeting: ग्लोबल साउथ के विकास में भारत की बड़ी भूमिका, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई आर्थिक ताकत

India Global South Cooperation: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत के बड़ी आर्थिक शक्ति बनने से ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझा विकास और समृद्धि में योगदान देने की क्षमता बढ़ी है।

करुणा नंद शाहवाल

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत का बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरना 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ साझा समृद्धि और विकास में योगदान देने की क्षमता को मजबूत करता है। सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।

उन्होंने भारत की बढ़ती जीडीपी, मजबूत विकास दर, कुशल मानव संसाधन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमताओं का उल्लेख किया। जयशंकर ने कहा कि ग्लोबल साउथ के साथ भारत का जुड़ाव केवल राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि और एकजुटता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

दोगुनी से ज्यादा हुई भारत की जीडीपी

उन्होंने मंगलवार को यहां 'कम्युनिटी ऑफ लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन स्टेट्स' (सीईएलएसी) के विदेश मंत्रियों से कहा, पिछले दशक में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। हमारी जीडीपी दोगुनी से अधिक हो गई है और विकास दर मजबूत बनी हुई है।

ग्लोबल साउथ के लिए भारत की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर बताया कि आज भारत के पास बड़ी और तेजी से कुशल हो रही मानव संसाधन क्षमता, बढ़ती हुई क्षमताएं, एक बढ़ता हुआ बाजार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती क्षमताएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, इससे वैश्विक विकास और 'ग्लोबल साउथ' के साझेदारों के लिए सार्थक योगदान देने की हमारी क्षमता मजबूत हुई है। विदेश मंत्री ने कहा कि 'ग्लोबल साउथ' के साथ भारत का जुड़ाव संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह "हमारी एकजुटता और साझा समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

आपदा के समय भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

विदेश मंत्री उन्होंने पिछले साल जमैका में आए हरिकेन मेलिसा और इस साल वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत की मदद, कैरिबियन में विकास कार्यक्रमों के लिए समर्थन और लैटिन अमेरिकी देशों को दवाइयों की सप्लाई का जिक्र किया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ 33 सदस्यों वाले सीईएलएसी के विदेश मंत्रियों की बैठक की सह-अध्यक्षता की।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर जोर

बैठक के बाद उन्होंने एक्स पर कहा कि मंत्री स्वास्थ्य और फार्मा, खाद्य और कृषि, ऊर्जा और संसाधन, छोटे और मध्यम उद्यमों और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमत हुए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत की अगुवाई वाली पहलों, जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन लाइफ के लिए भी समर्थन दिया।

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