नई दिल्ली: जैन समुदाय (Jain Community) के लोग दिल्ली के इंडिया गेट समेत मुंबई में भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे है। समाज का यह विरोध झारखंड सरकार के एक फैसले को लेकर किया जा रहा है। बता दें कि, झारखंड सरकार ने राज्य में में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किया था। जिसके बाद इस समाज का दिल्ली समेत कई जगह राज्य सरकार के खिलाफ रास्ते पर उतर विरोध कर रहे हैं।
इस समुदाय का झारखंड सरकार के फैसले के साथ साथ शत्रुंजय पहाड़ी के पलिताना में सीसीटीवी फुटेज में कुछ बदमाशों द्वारा मंदिर की सीढ़ियों और खंभे को तोड़ने का एक वीडियो सामने आने के बाद इस समुदाय का विरोध भड़क उठा। खबरों के मुताबिक, समुदाय ने शत्रुंजय पहाड़ी के पास अवैध अतिक्रमण का भी आरोप लगाया है। संगठन के एक बयान में कहा गया है कि गौचर पर अवैध रूप से घर बनाए जा रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों द्वारा इस इलाके के आसपास अवैध शराब की दुकानें चलाने का भी आरोप लगाया है। समुदाय ने इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप करने को कहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, समाज के कई जैन मुनियों ने झारखंड सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। पारसनाथ हिल को सम्मेद शिखर के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थल जैन समुदाय के लोगों के लिए तीर्थ स्थल है। श्री सम्मेद शिखरजी झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित है। जैन धार्मिक मान्यता के मुताबिक, 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों और भिक्षुओं ने यहां मोक्ष प्राप्त किया। वहीं, झारखंड सरकार के फैसले की वजह से जैन समुदाय के लोग पूरे भारत में इसका विरोध कर रहे हैं।
इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री एमपी लोढ़ा ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि, “हम पलिताना में मंदिर की तोड़फोड़ और झारखंड सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। गुजरात सरकार ने कार्रवाई की है लेकिन हम उनके (जिन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ की) सख्त कार्रवाई चाहते हैं। आज 5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर हैं।'
नए साल के पहले दिन यानी रविवार(1 जनवरी) को दिल्ली, मुंबई, गुजरात समेत देश के कई हिस्सों में जैन समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। इसके अलावा कर्नाटक, झारखंड और मध्य प्रदेश के जैन विभिन्न स्थानों पर मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।