All High Courts Get Permanent Chief Justices: केंद्र सरकार द्वारा कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देने के बाद देश के सभी राज्यों में हाई कोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति हो चुकी है। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत के 25 हाई कोर्ट में से 7 को एक्टिंग चीफ जस्टिस चला रहे थे। लेकिन हाल ही में हुई जजों की नियुक्तियों ने भारत के हर हाई कोर्ट में एक फुल-टाइम चीफ जस्टिस दे दिया है।
पिछले दो महीनों में एक्टिंग चीफ जस्टिस की संख्या में बढ़ोतरी हो गई थी। रूटीन ट्रांसफर और रिटायरमेंट की वजह से हाई कोर्ट में ऐसी स्थिति बन गई थी। साथ ही सरकार के उस फैसले का भी सीधा असर था जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की मंजूर संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 (सीजेआई को छोड़कर) किया गया था। यह बदलाव कानून बनाकर किया गया था।
सरकार के फैसले की वजह से चार हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को एक साथ सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया, जिससे हाई कोर्ट में अचानक पद खाली हो गए और दिसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करनी पड़ी। तीन अन्य हाई कोर्ट में भी एक्टिंग CJ काम कर रहे थे क्योंकि वहां के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश रेगुलर रिटायरमेंट के कारण पद छोड़ रहे थे। मौजूदा मुख्य न्यायाधीशों के रिटायर होने के कारण, तीन अन्य हाई कोर्ट की कमान भी एक्टिंग जजों के हाथों में थी।
20 जुलाई, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार 7 उच्च न्यायालयों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सेवा दे रहे थे, वे इस प्रकार हैं:
जस्टिस आर.वी. घुगे- बॉम्बे हाई कोर्ट
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा- पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट
जस्टिस विवेक रूसिया- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
जस्टिस संजीव कुमार- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट
जस्टिस सुधीर सिंह- पटना हाई कोर्ट
जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा- राजस्थान हाई कोर्ट
जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती- कलकत्ता हाई कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में 6 अगस्त को हुई बैठक के बाद, कॉलेजियम ने पांच सिफारिशें कीं। इसमें जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई, जो पहले से ही एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे थे। इसके अलावा, दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई।
बैठक में यह भी सिफारिश की गई कि जस्टिस आर.वी. घुगे, जो बॉम्बे हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस थे, उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया जाए। कॉलेजियम ने ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की भी सिफारिश की। यह सिफारिश मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के 4 सितंबर को रिटायर होने से पहले ही कर दी गई थी। 5 सितंबर को केंद्र सरकार ने सिफारिश में सभी पांच जजों की नियुक्ति की जानकारी दी।
नियुक्ति की प्रक्रिया में अगस्त में, राजस्थान हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने सीजेआई को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा का राजस्थान से बाहर तबादला करने और किसी दूसरे हाई कोर्ट से नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करने की मांग की थी। उन्होंने प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल और केस लिस्टिंग को लेकर आरोप लगाए थे। वकीलों ने प्रदर्शन भी किया जिसके बाद जस्टिस शर्मा ने खुद को न्यायिक कार्यों से अलग कर लिया।
कॉलेजियम की 31 अगस्त को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जज जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। केंद्र सरकार ने इस सिफारिश को मंज़ूरी दे दी और 7 सितंबर को जस्टिस अग्रवाल ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। उसी बैठक में गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को एमपी हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की। साथ ही राजस्थान हाई कोर्ट के जज जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस नियुक्त करने की भी सिफारिश की।