

BJP Leader Dilip Ghosh On Madarsa: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने अवैध तरीके से चल रहे मदरसों पर पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि मदरसों से जुड़े कई पहलुओं को लेकर संदेह है। आतंकी आकर मदरसों में ही पनाह लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कानून के बाहर कुछ नहीं चलेगा चाहे वह होटल हो या मदरसा। जहां सरकार की अनुमति नहीं है, वहां नहीं चल सकता है।
मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कोई भी गैर-कानूनी चीज, चाहे वह मदरसा हो या रेस्टोरेंट, सरकार की मंजूरी के बिना कानून के दायरे से बाहर नहीं चल सकती। सरकार हर चीज की जांच कर रही है और किसी भी गैर-अधिकृत संस्थान को बंद कर दिया जाएगा। उन्हें चलाने के लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ उन्हीं को काम करने की इजाजत होगी जिनके पास वैध अनुमति होगी। मदरसों से जुड़े कई पहलुओं को लेकर संदेह है। यह कोई नया मुद्दा नहीं है।
मंत्री दिलीप घोष ने यह भी कहा कि जो आतंकी हमले हुए हैं, उनमें कोई न कोई मदरसा का शिक्षक रहा है। आज भी ऐसे शिक्षक हैं। आतंकी आकर मदरसों में ही पनाह लेते हैं। कई नेताओं ने बार-बार इस पर चिंता जताई है। हालांकि, किसी ने भी इसका समाधान नहीं दिया है। हम इस मुद्दे का समाधान करेंगे। साथ ही, मंत्री दिलीप घोष ने पूरे देश में समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने की वकालत की।
मंत्री दिलीप घोष का बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा रविवार को दिए बयान के बाद आया है। गृह मंत्री ने मुंबाई में घोषणा करते हुए कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में वर्ष 2029 से पहले यूसीसी लागू की जाएगी। आगे कहा कि कई राज्यों में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है और अब भाजपा-एनडीए शासित सभी राज्यों में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की सरकार ने राज्य में 352 मदरसों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा करीब 100 मदरसे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी परमिशन नहीं थी और वहां बुनियादी ढांचे की भी कमी थी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे संचालित होते रहेंगे।