हिमंत बिस्व सरमा का वायरल वीडियो (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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नरसंहार का खुला आह्वान...हिमंत के 'पॉइंट ब्लैंक शॉट' वीडियो पर मचा बवाल, कांग्रेस ने कर दी बड़ी मांग

Himanta Biswa sarma: असम भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस ने इसे नरसंहार का खुला आह्वान बताते हुए कड़ी निंदा की है।

अभिषेक सिंह

Assame Politics: असम भाजपा द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस ने इसे नरसंहार का खुला आह्वान बताते हुए कड़ी निंदा की है। अब हटाए जा चुके इस विवादित वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को कथित तौर पर एक विशेष समुदाय के लोगों पर निशाना साधते हुए दिखाया गया था, जिसे लेकर विपक्ष हमलावर है।

इस वीडियो में मुख्यमंत्री को राइफल से दो व्यक्तियों पर गोली चलाते हुए चित्रित किया गया था, जिनमें से एक ने टोपी पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के कैप्शन में पॉइंट ब्लैंक शॉट लिखा गया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसमें अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या को दिखाया गया है। पार्टी ने न्यायपालिका से बिना किसी नरमी के तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस ने भाजपा को बनाया निशाना

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर इसे बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या दिखाना, उस फासीवादी शासन का सपना है जिसे वे दशकों से देख रहे हैं। उन्होंने इसे शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर बताया, जिसे महज ट्रोल सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

यहां देखें वायरल वीडियो

वेणुगोपाल ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, भले ही प्रधानमंत्री से कार्रवाई की उम्मीद न हो, लेकिन न्यायपालिका को कदम उठाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि वीडियो को केवल हटाना काफी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह नफरत और हिंसा उन्हीं की देन है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं जो ऐसे मामलों पर मूकदर्शक बनी हुई हैं।

न्यायालय पर भी उठाए गए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इसे भारतीय संविधान पर हमला बताया और उच्चतम न्यायालय की चुप्पी पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय का स्वतः संज्ञान न लेना उसकी भूमिका पर सवाल खड़े करता है। शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आलोचना करते हुए कहा कि विरोध के बाद वीडियो हटा लिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग नफरत फैलाने के इस रूप को नजरअंदाज करेगा क्योंकि वह भाजपा के सामने असहाय है।

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल से कहा कि यह वीडियो अल्पसंख्यकों की हत्या का महिमामंडन करता है और समाज में अशांति फैलाने वाला कृत्य है। पार्टी ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा पहले भी मुसलमानों के खिलाफ बयान देते रहे हैं और उन्हें परेशान करने की बात कहते रहे हैं। कांग्रेस ने इसे भाजपा के डीएनए में बसी नफरत बताते हुए कहा कि सत्ता के लिए समाज में जहर घोलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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