ग्रीन आशा (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला भारत का 9वां जहाज 'Green Asha'...एलपीजी लेकर जल्द पहुंचेगा भारत

LPG Supply India: एलपीजी के मोर्चे पर देश के लिए खुशखबरी है। भारतीय ध्वज वाले जहाज 'Green Asha' ने ईरान के पास मौजूद संकरे समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

सजल रघुवंशी

Green Asha Cross Straight Of Hormuz: एलपीजी के मोर्चे पर देश के लिए खुशखबरी है। भारतीय ध्वज वाले जहाज ग्रीन आशा ने ईरान के पास मौजूद संकरे समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव शुरू होने के बाद, यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाला भारत का नौवां जहाज है। ईरान ने अमेरिका, इजरायल से युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है।

दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए यह रास्ता काफी अहम है क्योंकि विश्व में होने वाले पेट्रोलियम के कुल व्यापार में से 20 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीन आशा एक एलपीजी टैंकर है और बढ़ते जोखिमों के बावजूद इसका सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करना, इस क्षेत्र पर भारत की निरंतर निर्भरता को दर्शाता है।

चुनौतियों के बीच भारतीय जहाजों की मजबूत मौजूदगी

इस तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिससे दुनिया के ऊर्जा बाजार कठिन चुनौती से गुजर रहे हैं। समुद्री आंकड़ों से पता चलता है कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले लगभग 60 प्रतिशत मालवाहक जहाज या तो ईरान से आ रहे हैं या ईरान के लिए ही जा रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की गतिविधि अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। ग्रीन आशा (Green Asha) की यात्रा से पहले, कम से कम आठ भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके थे।

3 दीनों में 90 हजार टन से ज्यादा एलपीजी सप्लाई

मार्च के अंत में पाइन गैस और जग वसंत सहित चार भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकरों ने तीन दिनों की अवधि में 92,600 टन से ज्यादा एलपीजी की आपूर्ति की। इससे पहले, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने मार्च के मध्य में गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों तक लगभग 92,700 टन एलपीजी पहुंचाई थी। साथ ही एलपीजी वाहक बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम शामिल थे, जिन्होंने संघर्ष क्षेत्र से लगभग 94,000 टन माल का परिवहन किया।

कच्चा तेल और ईंधन की सप्लाई भी जारी

अन्य शिपमेंट में कच्चा और ईंधन शामिल थे। तेल टैंकर जग लाडकी ने संयुक्त अरब अमीरात से मुंद्रा तक 80 हजार टन से ज्यादा कच्चे तेल का परिवहन किया जबकि 'जग प्रकाश' ने ओमान से अफ्रीकी बाजारों के लिए गैसोलीन ले जाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया। एक अन्य एलपीजी वाहक, ग्रीन सानवी ने भी हाल ही में लगभग 46,650 मीट्रिक टन कार्गो के साथ अपनी यात्रा पूरी की।

एजेंसी इनपुट के साथ...

INDIA Alliance Protest Live: गठबंधन के सांसदों का लंच खत्म, आगे जंतर-मंतर पर धरने की तैयारी

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिरी, कई लोग मलबे में दबे

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहनेगी बॉडी कैमरा? दिल्ली HC के फैसले का मतलब समझें

PM Modi 25 Years of Seva Live: जनसेवा के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प की ली शपथ, अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां

देवभूमि से बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद: PM मोदी के 25 साल के बेमिसाल सफर पर CM धामी ने की दीर्घायु होने की कामना