Gold Import Duty Hike India 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में देशवासियों से सात खास अपील की थी। जिसका मकसद मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण देश की विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे भारी दबाव को कम करना था। पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने, विदेश यात्रा पर न जाए, खाने के तेल की खपत में कमी, वर्क फ्रॉम होम मॉडल को प्रोत्सहित करने और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के उपयोग कम करने के लिए कहा था।
इसी बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने प्रभावी ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले के बाद सर्राफा बाजारों में हलचल तेज हो गई है और सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि सरकार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? सोने-चांदी के आयात शुल्क बढ़ाने से सरकार को कितना फायदा या नुकसान होगा? और सबसे बड़ी बात, आयात शुल्क बढ़ने से आप पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं। पहला डॉलर की बचत, दूसरा लगातार गिर रहे रुपये की गिरावट को रोकना और व्यापार घाटे को नियंत्रित करना। भारत में सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है। इसके चलते भारत में बड़ी संख्या में सोने के गहने खरीदने का चलन है। लेकिन भारत में सोने की खदाने सीमित हैं, जिसके चलते देश अपनी जरूरत का लगभग 99 प्रतिशत सोना विदेशों के खरीदता है। साल 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 72 बिलियन डॉलर यानी 6 लाख करोड़ रुपये का सोना विदेशों के खरीदा था। इसके भुगतान के लिए भारी मात्रा में डॉलर बाहर जा रहे थे। जो कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार के नजरिए से बड़ी परेशानी है।
इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपया में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल 95.74 रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर है। सरकार का मानना है कि सोने का आयात कम होने से डॉलर की मांग घटेगी और रुपया स्थिर होगा। वहीं, बढ़ते व्यापार घाटे व्यापार घाटे को नियंत्रित करने के लिए देश में सोने की खपत पर लगाम लगाना अनिवार्य हो गया था।
सवाल: अब सोना खरीदने पर कितना एक्स्ट्रा पैसा देना होगा?
जवाब: सरकार द्वारा 9 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ाने से इसका असर आम जनता पर पड़ना तय है। एक अनुमान के मुताबिक, बढ़ी हुई ड्यूटी और उस पर लगने वाला GST को मिलाकर अब लोगों को प्रति 10 ग्राम सोने की खरीद पर पहले की तुलना में करीब 14,500 से 15,500 रुपये तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
सवाल: क्या पुराने सोने की कीमत भी बढ़ेगी?
जवाब: सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने एक बात अच्छी है कि, जिनके पास पहले से पुराना सोना है, उनके लिए यह फायदे का सौदा साबित होने वाला है। क्योंकि बाजार में सोने के भाव बढ़ने से पुराने सोने की रीसेल वैल्यू भी करीब 9 प्रतिशत बढ़ जाएगी है।
सवाल: सोने पर नए शुल्क से सरकार को कितना फायदा होगा?
जवाब: सोने-चांदी पर नए आयात शुल्क लगने से एक ओर जहांं सोने की मांग में कमी आएगी। वहीं इससे सरकार को टैक्स के रूप में भारी फायदा भी होगा।
सालाना आयात मात्रा: लगभग 750 टन से घटकर करीब 720 टन (अनुमानित)
आयात मूल्य: 58 बिलियन डॉलर से बढ़कर लगभग 72 बिलियन डॉलर
सरकार की टैक्स कमाई: करीब 32,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 80,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान
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केंद्र की मोदी सरकार का यह फैसला अर्थव्यवस्था के लिए एक कड़वी दवा जैसा है। एक ओर इससे सरकार का खजाना भरेगा और रुपये को मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी के लिए सोना अब पहले और महंगा हो जाएगा। हालांकि, यह देखना होगा कि क्या सरकार आने वाले समय में वैश्विक स्थिति सुधरने पर इसे वापस लेती है या कोई छूट देती है या नहींं।