ऑपरेशन सिंदूर (सोर्स- सोशल मीडिया)
देश

जब सीजफायर के लिए तड़प रहा था पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने कैसे साधा निशाना; जानिए इनसाइड स्टोरी

Anil Chauhan On Operation Sindoor: 9 मई की रात के बाद और 10 मई के तड़के इंडियन एयर फोर्स के जवान पाकिस्तान सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों पर हमला शुरू कर दिए। इसकी खबर लगते ही इस्लामाबाद के होश उड़ गए।

मनोज आर्या

Former CDS Anil Chauhan On Operation Sindoor: अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि है कि चार दिनों तक दोनों देशों के बीच चले इस युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान ने भारत से गुहार लगाई थी, तब तक भारतीय सेना ने अपने प्लान का आधा हिस्सा भी पूरा नहीं किया था। भारत ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को तुरंत न मानते हुए कई घंटों तक उसे इंतजार करने पर मजबूर किया था, ताकि टारगेटेड ठिकानों पर अटैक किया जा सकें।

‘द प्रिंट’ से बातचीत के दौरान पूर्व चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने कहा कि 10 मई 2025 की सुबह पाकिस्तान के डायरेक्टर्स जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की हॉटलाइन पर भारत से संपर्क किया था। उन्होंने आगे कहा कि यह मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था जब 10 मई को पाकिस्तान ने खुदा फोन उठाकर भारत से बातचीत की पहुल शुरू की।

8 घंटों में घुटने पर आया पाकिस्तान

पूर्व सीडीएस ने बताया कि यह इसलिए चौंकाने वाला था, क्योंकि 9 मई को उधर से बयान आ रहे थे कि वे 48 घंटों में भारत को सबक सिखा देंगे। लेकिन सिर्फ 8 घंटों के भीतर ही उन्हें भारत से संपर्क करना पड़ा। उस वक्त तो भारत ने अपने रणनीति का 50 फीसदी अंजाम भी पूरा नहीं किया था। अनिल चौहान ने अपने बयान में आगे कहा कि भारत अपनी सैन्य प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध था। पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश देना जरूरी था कि उसका कोई सैन्य ठिकाना भारतीय सेना की पहुंच से बाहर नहीं है। इसी प्लानिंग के तहत पाकिस्तान को दोपहर तक इंतजारा कराया गया और इस दौरान भारतीय वायुसेना की तरफ से टारगेटेड ठिकानों पर हमले किए गए।

पाक में घुसकर भारत का हमला

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसी के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया। इसका मुख्य मकदस पाकिस्तान के और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में तेजी से फैल रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को जमींदोज करना था। 9 मई की आधी रात के बाद और 10 मई के तड़के इंडियन एयर फोर्स के जवान पाकिस्तान सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों पर हमला शुरू कर दिए। इसकी खबर लगते ही इस्लामाबाद के होश उड़ गए।

पाकिस्तान को इस बात का ऐहसास हो गया कि उसके हमले का जवाब भारत काफी सख्ती से देगा। इसी डर के कारण पाकिस्तान ने डीजीएमओ हॉटलाइन पर सीजफायर की गुहार लगाई। आखिरकार 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद युद्ध विराम पर सहमति बनी।

तकनीक और रणनीतिक का असर

पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने भारतीय सेना की आधुनिक तकनीक और स्ट्रैटजी के बारे में भी बताया, जिसने इस युद्ध में भारत को मजबूत स्थिति में रखा। उन्होंने कहा कि युद्ध के बीच हमारे कमांडरों के पास दुश्मन के मुकाबले युद्धक्षेत्र की ज्यादा स्पष्ट और तेज जानकारी थी। हमारे जवावों को इस बात की पल-पल की खबर थी कि हमारे हमलों से पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ है और उनके हमलों का क्या असर पड़ा है।

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