72 घंटे का वो ऑपरेशन सिंदूर! जब राजनाथ सिंह ने खुद मॉनिटर की थी पाकिस्तान के आतंकी कैंपों की तबाही- PHOTOS

Rajnath Singh Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर' 7 मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। उसके जवाब में भारत द्वारा की गई एक अत्यंत प्रभावी और निर्णायक त्रिकोणीय सैन्य कार्रवाई थी। केवल 72 घंटों के भीतर (7 मई से 10 मई 2025) चले इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रणनीतिक, प्रशासनिक और राजनीतिक भूमिका बेहद अहम रही।
rajnath singh operation sindoor speech
ऑपरेशन सिंदूर में राजनाथ सिंह का योगदान (सौजन्य-IANS)
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defence minister rajnath singh
'ऑपरेशन सिंदूर' की सबसे बड़ी ताकत इसकी इंटीग्रेटेड रणनीति थी। राजनाथ सिंह ने 'साइलो' वाली सोच यानी अलग-थलग रहकर काम करने का पुराना तरीके को खत्म किया और थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच अभूतपूर्व तालमेल कायम बिठाया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि तीनों सेनाएं एक ही प्लान के तहत अपना हमला शुरू करें।
rajnath singh in defence meeting
हालांकि जमीन पर यह ऑपरेशन सिर्फ 72 घंटे तक चला, लेकिन इसके पीछे महीनों की जबरदस्त सैन्य तैयारी थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की देखरेख में, रक्षा मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर पाकिस्तान और PoJK में मौजूद नौ बड़े आतंकी कैंपों की सटीक पहचान करके एक व्यापक योजना को अंतिम रूप दिया था।
tejas aircraft
पहलगाम अटैक के इस जवाबी ऑपरेशन में भारत में बने हथियारों और तकनीकी रक्षा उपकरणों (जैसे राफेल, तेजस, मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस आर्किटेक्चर) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। राजनाथ सिंह ने देश की तकनीकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया, जिसके चलते इस ऑपरेशन के बाद भारतीय रक्षा उपकरणों की वैश्विक विश्वसनीयता काफी बढ़ गई।
air force during operation sindoor under rajnath singh
जब भारत के हमलों के जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (UCAV) का इस्तेमाल करके भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, तो भारत के 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम' ने उस कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्री ने इस आधुनिक, कई परतों वाले एयर डिफेंस सिस्टम को लागू करने और उसके लिए फंड जुटाने में अहम भूमिका निभाई।
mig-29
राजनाथ सिंह के निर्देशों पर अमल करते हुए, भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री ताकत दिखाने के लिए एक कैरियर बैटल ग्रुप (CBG) तैनात किया। MiG-29K फाइटर जेट्स और अर्ली-वॉर्निंग हेलीकॉप्टरों की युद्ध-तैयारी ने पाकिस्तान को मकरान तट की ओर से कोई भी हवाई या समुद्री दुस्साहस करने की कोशिश करने से प्रभावी ढंग से रोका।
rajnath singh
ऑपरेशन के दौरान, भारत को पाकिस्तान से परमाणु हमले की दबी-छिपी धमकियों का भी सामना करना पड़ा। कड़ा रुख अपनाते हुए, राजनाथ सिंह ने वैश्विक मंच पर यह स्पष्ट कर दिया कि भले ही भारत परमाणु हथियारों के मामले में अपनी 'नो फर्स्ट यूज' की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन वह किसी भी देश की 'परमाणु ब्लैकमेलिंग' के आगे नहीं झुकेगा और राष्ट्रीय हित में निर्णायक कदम उठाना जारी रखेगा।
rajnath singh pm modi army meet
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन का इस्तेमाल दुनिया को आतंकवाद के प्रति भारत के 'जीरो-टॉलरेंस' को खुलकर दिखाने के लिए किया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया गया, तो सीमाएं भारत को रोक नहीं पाएंगी और सेना न्याय दिलाने के लिए दुश्मन के इलाके में घुस जाएगी।
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एक कुशल प्रशासक के तौर पर, उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व PMO, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति और सैन्य कमांडरों के बीच एक अहम कड़ी का काम किया, जिससे युद्ध के नाजुक दौर में तेजी से फैसले लेने में मदद मिली। उन्होंने प्रशासनिक अड़चनों को दूर किया और फील्ड कमांडरों को तेजी से फैसले लेने की पूरी आजादी दी।
rajnath singh role in operation sindoor
'ऑपरेशन सिंदूर' की कामयाबी इस बात में भी थी कि भारत ने आम नागरिकों या सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान पहुंचाए बिना आतंकवादियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। राजनाथ सिंह ने इस 'नपे-तुले और केंद्रित' सैन्य नजरिए का सख्ती से पालन किया ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार देश के तौर पर भारत की छवि बनी रहे।
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इस तनावपूर्ण स्थिति के दौरान और उसके बाद भी, राजनाथ सिंह अग्रिम चौकियों और सैन्य मुख्यालयों के लगातार संपर्क में रहे। सैनिकों की वीरता की सराहना करते हुए, उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना के इतिहास का एक 'स्वर्णिम अध्याय' बताया और देशवासियों से हमारे बहादुर सैनिकों की वीरता की कहानियों को गर्व के साथ साझा करने का आह्वान किया।

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