Two Indian Nationals Found Guilty:अमेरिका के लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने 30 सितंबर को दो भारतीय नागरिकों अर्शप्रीत सिंह और विक्रमजीत सिंह को सामान चोरी की साजिश में दोषी ठहराया है। दोनों ने असली ट्रकिंग कंपनियों के जरिए गोदामों से माल उठाया लेकिन कभी मंजिल तक नहीं पहुंचाया। अर्शप्रीत वायर फ्रॉड की साजिश में भी दोषी है, विक्रमजीत इस आरोप से बरी हुआ.। दक्षिणी कैलिफोर्निया में अलग-अलग वेयरहाउस से सामान चुराने की साजिश रचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों को दोषी पाया गया है।
दोनों के खिलाफ सात दिन चले मुकदमे में कई सबूत पेश हुए। इसमें मार्च 2024 से जून 2025 तक साजिश रचने की बात कही गई। सैक्रामेंटो के 28 साल के अर्शप्रीत और उसके साथियों ने असली ट्रकिंग कंपनियां खरीदीं या धोखे से उनका इस्तेमाल किया। असली ठेकों की बोली जीतकर सामान उठाया जाता था, लेकिन सही जगह पहुंचाने की जगह उसे चुरा लिया जाता था। चोरी किया गया सामान अक्सर महंगा होता था, जैसे टीवी, लैपटॉप और घरेलू उपकरण। इसके अलावा वैक्यूम क्लीनर, एलईडी लाइट, जूते और टायर भी चुराए गए।
एजेंसियों का अनुमान है कि कुल नुकसान कम से कम 20 लाख डॉलर का रहा यानी 16 करोड़ रुपये। जानकारी के अनुसार चोरियां दक्षिणी कैलिफोर्निया के कई इलाकों में हुई थी। इनमें फोंटाना, वर्नन, सांता फे स्प्रिंग्स, पेरिस, सिटी ऑफ इंडस्ट्री, लॉन्ग बीच, कॉम्पटन, कॉमर्स, पिको रिवेरा, चीनो और मोरेनो वैली जैसे शहर शामिल हैं. टेक्सास के ग्रैंड प्रेयरी में भी ऐसी चोरी का दावा किया गया है।
मार्च 2024 में अर्शप्रीत सिंह टेक्सास की कंपनी जेड एंड एफ ट्रांसपोर्टेशन एलएलसी के मालिक से कंपनी खरीदने के लिए मिला। दोनों के बीच डील करीब 22 हजार डॉलर का था। उसी महीने इनके एक साथी ने इस कंपनी की ओर से फोंटाना से टीवी का एक सेट उठाया, जिसे फ्लोरिडा पहुंचना था, लेकिन वह वहां कभी पहुंचा ही नहीं। मई 2024 में इनके साथियों ने स्काईवेज ट्रकिंग एलएलसी नाम की कंपनी खरीदी। इसके जरिए लैपटॉप, टीवी, सोलर पैनल और दूसरा सामान चुराया गया। साथी उबर फ्रेट जैसे ब्रोकरों के माध्यम से लोड बुक करते, सामान उठाते और फिर उसे तय जगह पर नहीं पहुंचाते थे।