EPFO On WhatsApp Channel: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने लाखों श्रमिकों की सुविधा के लिए EPFO के एक ऑफिशियल WhatsApp चैनल शुरू किया है। इससे EPFO सब्सक्राइबर्स के लिए प्रोविडेंट फंड और पेंशन से जुड़ी घोषणाओं की जानकारी रखना आसान हो सकता है। यह नया चैनल बातचीत के एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के तौर पर बनाया गया है, जहां EPFO सदस्यों और पेंशनभोगियों के साथ घोषणाएं, स्कीम से जुड़ी जानकारी और अन्य जरूरी अपडेट शेयर कर सकता है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रिटायरमेंट फंड बॉडी अपनी डिजिटल मौजूदगी को लगातार बढ़ा रही है।
EPFO पहले से ही अपने मेंबर पोर्टल और UMANG ऐप के ज़रिए सेवाएं देता है, साथ ही सब्सक्राइबर्स से बातचीत करने के लिए X, Instagram, Facebook, YouTube और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करता है। मेंबर्स WhatsApp के 'अपडेट्स' सेक्शन के जरिए EPFO चैनल को एक्सेस कर सकते हैं। वे 'चैनल्स' चुन सकते हैं, सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं और 'फॉलो' करने से पहले वेरिफाइड EPFO अकाउंट को ढूंढ सकते हैं।
यूजर्स EPFO के शेयर किए गए डायरेक्ट लिंक से या ऑर्गनाइजेशन के वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट किए गए QR कोड को स्कैन करके भी इस चैनल को एक्सेस कर सकते हैं।
चैनल को फॉलो करने के लिए मेंबर्स को अपना UAN, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या कोई दूसरी पर्सनल जानकारी शेयर करने की जरूरत नहीं है।
यह चैनल मुख्य रूप से जानकारी देने के लिए है, न कि अलग-अलग PF अकाउंट को मैनेज करने के लिए।
इसमें मेंबर्स को EPFO स्कीम, पॉलिसी की घोषणाओं, सर्विस में बदलाव और प्रोविडेंट फंड व पेंशन सब्सक्राइबर्स से जुड़ी दूसरी जानकारी मिल सकती है।
जो लोग रेगुलर तौर पर EPFO की वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज नहीं देखते, उनके लिए यह चैनल ऐसी घोषणाओं को पाने का एक सीधा जरिया हो सकता है।
PF बैलेंस और क्लेम के लिए अभी भी ऑफिशियल सर्विस की जरूरत होगी।
WhatsApp चैनल को EPFO के अकाउंट-मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म का विकल्प नहीं समझे
जिन सदस्यों को अपने UAN अकाउंट को एक्सेस करना है, अकाउंट से जुड़ी जानकारी देखनी है या दूसरी ऑनलाइन PF सेवाओं का इस्तेमाल करना है, वे EPFO के ऑफिशियल मेंबर पोर्टल और UMANG का इस्तेमाल करते रहेंगे। EPFO के मौजूदा मेंबर पोर्टल पर UAN से जुड़ी सुविधाओं और एप्लीकेशन-स्टेटस ट्रैकिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। EPFO ने पहले भी सदस्यों के सवालों और शिकायतों से जुड़ी मदद के लिए WhatsApp हेल्पलाइन चलाई हैं। इसकी सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्गनाइज़ेशन ने सब्सक्राइबर्स के सवालों का जवाब देने के लिए WhatsApp और दूसरे सोशल-मीडिया चैनलों का इस्तेमाल किया है।
EPFO की डिजिटल मौजूदगी बढ़ने के साथ ही सदस्यों के लिए ऑफिशियल कम्युनिकेशन और धोखाधड़ी वाले मैसेज के बीच फर्क करना भी जरूरी हो गया है। EPFO सब्सक्राइबर्स को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे अपना UAN, पासवर्ड, आधार, PAN, बैंक-अकाउंट की जानकारी या OTP किसी के साथ शेयर न करें। ऑर्गनाइज़ेशन का कहना है कि वह सदस्यों से कॉल, मैसेज, WhatsApp या सोशल मीडिया के जरिए ऐसी जानकारी नहीं मांगता है।