Mani Shankar Aiyar Video: देशभर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (E20) मिश्रण की नीति को लेकर बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण घटाना है। हालांकि, इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
इसी बीच, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहे मणि शंकर अय्यर का वर्ष 2005 का एक पुराना संसदीय भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को मौजूदा E20 नीति से जोड़कर साझा किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में मणि शंकर अय्यर संसद में कहते हैं कि उनकी सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा था, "हम वह काम करेंगे जिसे एनडीए सरकार ने नजरअंदाज किया। हमने इस मुद्दे पर भारतीय चीनी मिल मालिकों से चर्चा की है। हमारी सरकार सिर्फ घोषणा करके नहीं रुकेगी। हमने वादा किया है कि पेट्रोल और इथेनॉल का मिश्रण लागू किया जाएगा। यदि भविष्य में इथेनॉल की उपलब्धता बढ़ती है, तो इसका उपयोग और अधिक बढ़ाया जाएगा।"
अपने भाषण में अय्यर ने यह भी कहा था कि इथेनॉल का बड़ा हिस्सा शराब उद्योग में उपयोग होता है और यदि वहां इसकी खपत कम हो तो ईंधन क्षेत्र के लिए अधिक मात्रा उपलब्ध हो सकती है।
केंद्र सरकार द्वारा E20 नीति को लागू किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस पुराने वीडियो को साझा करते हुए दावा कर रहे हैं कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की अवधारणा नई नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत यूपीए सरकार के समय भी नीति स्तर पर की गई थी।
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हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वायरल वीडियो वर्ष 2005 का है और इसे वर्तमान E20 नीति की पृष्ठभूमि में दोबारा साझा किया जा रहा है। यह किसी हालिया बयान का वीडियो नहीं है।