Rajnath Singh Statement on PAK Sindh: रक्षा मंत्री ने यह बयान रविवार को दिल्ली में हुए एक सिंधी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा कि आडवाणी ने अपनी एक किताब में लिखा था कि सिंधी हिंदू, खासकर उनकी पीढ़ी के लोग, आज भी सिंध को भारत से अलग नहीं मानते। उन्होंने आगे कहा कि क्या पता कल सिंध फिर भारत में मिल जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में सिंधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने इशारों-इशारों में पड़ोसी मुल्क को कड़ी चेतावनी तो दे डाली। राजनाथ सिंह ने संभावना जताई कि सिंध फिर से भारत का हिस्सा बन सकता है क्योंकि सांस्कृतिक और सभ्यतागत रूप से वह हमेशा हमारा ही था और रहेगा।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए एक भावुक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि आडवाणी जी ने अपनी किताब में लिखा था कि सिंधी हिंदू आज भी खुद को सिंध से अलग नहीं मानते। वहां के कई मुसलमान भी सिंधु नदी के पानी को मक्का के आब-ए-जमजम जितना ही पवित्र मानते हैं। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि जमीन की लकीरें बदल सकती हैं, लेकिन सभ्यता का रिश्ता कभी नहीं टूटता। सिंध के लोग हमेशा हमारे अपने रहेंगे, चाहे वे कहीं भी हों।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पर तनाव और आतंकवाद चरम पर है। इसी साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़े थे। इसके बाद दिल्ली धमाके में भी 15 लोगों की मौत हुई। इन कायराना हरकतों का जवाब देने के लिए भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई संघर्ष भी देखने को मिला।
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हालांकि अभी कुछ समय से दोनों देशों के बीच सीजफायर है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' थमा नहीं है। सेना आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई निरंतर जारी रखेगी। राजनाथ सिंह के तेवरों से साफ है कि भारत अब दिल्ली और पहलगाम जैसे हमलों के साजिशकर्ताओं को बख्शने के मूड में नहीं है और आतंकियों के खिलाफ भविष्य में और भी बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। सिंध को लेकर दिया गया यह बयान पाकिस्तान के लिए महज एक भाषण नहीं, बल्कि भविष्य की एक रणनीतिक चेतावनी मानी जा रही है।