राहुल गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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'कैश फॉर टिकट' के आरोपों का दें जवाब', CPI सांसद ने राहुल गांधी को लिखा पत्र; पूछे गंभीर सवाल

CPI MP Letter: सीपीआई सांसद संदोश कुमार ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है। पत्र के जरिए 'कैश फॉर टिकट' स्कैम और वायनाड राहत कोष में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।

सजल रघुवंशी

Rahul Gandhi: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता और सांसद संदोश कुमार पी. ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा। संदोश कुमार ने पत्र में लिखा कि राहुल गांधी, मुझे आपको यह अप्रिय पत्र लिखने के लिए विवश होना पड़ रहा है। यह पत्र केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के खिलाफ आपके असत्य, निराधार और दुर्भावनापूर्ण अभियान के जवाब में है, जिसमें आपने एलडीएफ नेतृत्व और आम तौर पर वामपंथी दलों के खिलाफ निराधार, अभद्र और अप्रमाणित आरोप लगाए हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि पूरे देश में वामपंथी दल अपनी ईमानदारी और सैद्धांतिक सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते हैं। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस के लिए यह कहीं अधिक उचित होगा कि वह अपने ही भीतर झांके और आत्म-निरीक्षण करे।

पत्र में 'कैश फॉर टिकट' का जिक्र

संदोश कुमार ने पत्र में लिखा कि मैं आपका ध्यान नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर की ओर दिलाना चाहता हूं। यह एफआईआर 'कैश फॉर टिकट' स्कैम के गंभीर आरोपों को सार्वजनिक करती है जिसमें कांग्रेस नेतृत्व के सर्वोच्च स्तर पर बैठे लोग शामिल हैं। यह आरोप हरियाणा महिला कांग्रेस की एक पूर्व महासचिव ने लगाए हैं। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश, वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पीए अहमद खान, और केसी वेणुगोपाल के पीए अनस अली के नाम विधानसभा टिकट दिलाने के वादे पर भारी रकम वसूलने के मामले में सामने आए हैं। यह कोई मामूली लोग नहीं हैं, बल्कि ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें व्यापक रूप से कांग्रेस नेतृत्व के भीतरी हलकों में काम करने वाला माना जाता है और जिन्हें आपके व्यक्तिगत रूप से करीब समझा जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा 'कैश फॉर टिकट' के ऐसे ही आरोप लगाए गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है बल्कि यह एक गहरी और अधिक संस्थागत बुराई को दर्शाती है।

राहुल गांधी से इस मामले में मांगी जानकारी

इसके अलावा पत्र के जरिए संदोश कुमार ने एक और मामले में जानकारी मांगी है। दरअसल, पत्र में जिक्र है कि केरल के वायनाड जिले में चूरालमला-मुंडक्काई भूस्खलन के बाद कांग्रेस द्वारा धन संग्रह और उसके उपयोग के संबंध में गंभीर और व्यापक आशंकाएं मौजूद हैं। राहत और पुनर्वास के नाम पर जनता और अन्य स्रोतों से भारी मात्रा में धन एकत्र किए जाने की खबरें हैं। हालांकि, एकत्र किए गए कुल धन, उन बैंकों जहां यह धन जमा किया गया था, और प्रभावित पीड़ितों के लाभ के लिए इस धन का किस प्रकार उपयोग किया गया- इन सभी मामलों में पारदर्शिता की चिंताजनक कमी बनी हुई है। वायनाड के पूर्व सांसद के तौर पर आपके सीधे जुड़ाव और इस निर्वाचन क्षेत्र का मौजूदा प्रतिनिधित्व श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा किए जाने को देखते हुए यह आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप इन शंकाओं को दूर करने के लिए पूरी और सत्यापित जानकारी सार्वजनिक करें।

इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की उठाई मांग

पत्र में आगे कहा गया है कि आपको या तो एफआईआर में नामजद लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए और भूस्खलन पीड़ितों के लिए जमा किए गए फंड के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने का अपना दावा छोड़ देना चाहिए। इतने गंभीर मामलों में कोई भी टालमटोल या अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं हो सकती। यदि आपके सबसे करीबी माने जाने वाले लोगों को गंभीर आरोपों के बावजूद बचाया जाता है, और यदि सार्वजनिक फंड से जुड़े जायज सवालों के जवाब नहीं दिए जाते तो भ्रष्टाचार-विरोधी होने का जो रवैया आप दिखाना चाहते हैं, वह महज एक दिखावा साबित होता है। आपकी राजनीति की विश्वसनीयता का आकलन अंततः कोरे भाषणों से नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का सामना करने और अपने ही लोगों के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आपकी इच्छाशक्ति से किया जाएगा।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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