

KC Venugopal On BJP: केरल की राजनीति में चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और अलाप्पुझा से सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा और सीपीआई(एम) पर 'गुप्त समझौते' का आरोप लगाते हुए सियासी माहौल गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि अब राज खुल चुका है और पलक्कड़ इस विवाद का केंद्र बनकर उभरा है। केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) द्वारा लेफ्ट समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में होटल व्यवसायी एनएमआर रजाक को मैदान में उतारना, भाजपा के साथ उनकी अंदरूनी समझ का साफ संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ पलक्कड़ तक सीमित नहीं है बल्कि कई अन्य सीटों पर भी ऐसा ही गठजोड़ देखने को मिल रहा है। अब केसी वेणुगोपाल के इन आरोपों के बाद केरल की सियासत गरमा गई है।
कांग्रेस उम्मीदवार और लोकप्रिय अभिनेता रमेश पिशारोडी ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए भाजपा-सीपीआई(एम) गठजोड़ को 'ओपन सीक्रेट' बताया। उन्होंने कहा कि यह समझ सिर्फ पलक्कड़ ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी नजर आ रही है। पिशारोडी ने यह भी कहा कि वह चुनाव प्रचार के लिए अपने फिल्मी दोस्तों को नहीं बुलाएंगे क्योंकि वह उन्हें साइबर हमलों के खतरे में नहीं डालना चाहते। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि राहुल ममकूटथिल से जुड़ा विवाद चुनाव परिणामों को प्रभावित नहीं करेगा।
पलक्कड़ सीट इस बार सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बन गई है। इस सीट पर त्रिकोणीय टक्कर देखने को मिल रही है। यहां कांग्रेस के उम्मीदवार रमेश पिशारोडी के अलावा भारतीय जनता पार्टी की नेता शोभा सुरेंद्रन और सीपीआई(एम) समर्थित उम्मीदवार रज़ाक मैदान में हैं। जो अपने बिजनेस और खासकर बिरयानी कारोबार के लिए जाने जाते हैं।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन ने इसे कांग्रेस की घबराहट करार दिया। उन्होंने कहा कि लगता है कांग्रेस और उसका नेतृत्व अब मान चुका है कि वह हार रहे हैं और हम जीत रहे हैं। यानी भाजपा ने इन आरोपों पर तुरंत काउंटर करते हुए यह साफ कर दिया कि वह केरल चुनाव में मजबूती से खड़ी है और जीत के लिए चुनाव लड़ रही है।
इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी बयान दिया उन्होंने कहा कि इस कथित गुप्त समझौते की बातें अब सामने आ रही हैं और यह सिर्फ पलक्कड़ ही नहीं बल्कि करीब 10 अन्य सीटों पर भी लागू है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सीपीआई(एम) भाजपा की मदद करती है तो भाजपा भी बदले में उनकी मदद करती है, और इसका एक उदाहरण चेंगन्नूर सीट है।
एजेंसी इनपुट के साथ