कांग्रेस सांसद शशि थरूर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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कांग्रेस के 'शशि' को मोदी सरकार पर भरोसा! बताया अमेरिका की बजाय...भारत को क्यों टारगेट करता है पाक?

Shashi Tharoor Statement: तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौते को लेकर बयान दिया साथ ही भारत-पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों पर भी बात की।

अभिषेक सिंह

Shashi Tharoor on Foreign Relations: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौते को लेकर पूर्व विदेश राज्य मंत्री और तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि हमें अपनी सरकार पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस मामले में इस्लामी जगत, खासकर खाड़ी देशों के साथ हमारे बेहतरीन संबंध हैं और हमारे संबंध पहले कभी इतने मज़बूत नहीं रहे।" थरूर ने अमेरिका पर भी टिप्पणी की।

एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा, "यह एक लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था का औपचारिक रूप है। पाकिस्तान लंबे समय से खुद को मुस्लिम जगत की कानून बनाने वाली शाखा के रूप में पेश करने की कोशिश करता रहा है। मुझे नहीं लगता कि हमें अभी इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया देनी चाहिए।"

'हमारे राजनयिक निष्क्रिय नहीं बैठे'

हालांकि, कुछ परेशान करने वाली बातें हैं, खासकर यह बयान कि एक देश पर किसी भी हमले को दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। यह मत भूलिए कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सऊदी अरब चुप रहा। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे राजनयिक निष्क्रिय नहीं बैठे हैं; वे सऊदी अरब से बात कर रहे हैं।"

सरकार पर भरोसा रखना चाहिए

तिरुवनंतपुरम सांसद ने कहा कि हमें अपनी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए कि इन मामलों में इस्लामी दुनिया के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। खासकर खाड़ी देशों के साथ हमारे संबंध पहले कभी इतने मजबूत नहीं रहे। हर किसी की नीतियां सिर्फ हम पर आधारित नहीं होतीं।

और क्या कुछ बोले शशि थरूर?

थरूर ने आगे कहा कि हमें दुनिया के बारे में इतना आत्मकेंद्रित नजरिया नहीं रखना चाहिए कि हम यह मान लें कि ट्रंप जो कुछ भी करते हैं, जिससे हम प्रभावित होते हैं, वह हमारी वजह से है या हमारे प्रति उनकी भावनाओं के कारण है। यही बात सऊदी अरब पर भी लागू होती है।

युद्धविराम को पर कही बड़ी बात

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बारे में थरूर ने कहा कि किसी को हमें मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। हमारा संदेश साफ था कि अगर वे रुकेंगे, तो हम रुकेंगे। लेकिन जब तक वे हम पर हमला करते रहेंगे, हम उतनी ही ताकत से जवाब देंगे। हालांकि, यह संभव है कि अगर वाशिंगटन इस्लामाबाद या रावलपिंडी को हमें रोकने के लिए मना ले, तो हमारे पास आभारी होने का पूरा कारण है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर (सोर्स- सोशल मीडिया)

उन्होंने कहा कि शायद, ट्रंप की टिप्पणी पर अपनी आपत्ति में, हम इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं कि हमें नहीं पता कि वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच क्या हुआ था। ट्रंप ने शायद कहा होगा, "मत करो! अपनी जवाबी कार्रवाई को तेज मत करो, क्योंकि हम तुम्हारे और भारत के बीच शांति चाहते हैं।

थरूर ने कहा कि किसी भी वजह से, उन्होंने ऐसा किया, तो हमें निश्चित रूप से कहना चाहिए कि हम इसकी सराहना करते हैं। भले ही हमने इसकी मांग न की हो। हमने इसकी मांग इसलिए नहीं की क्योंकि हमारा मानना ​​है कि किसी को भी हमारे और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता नहीं करनी चाहिए।

पाकिस्तान-अमेरिका पुराने करीबी

पाकिस्तान के साथ अमेरिका की बढ़ती नज़दीकियों के विषय में बोलते हुए शशि थरूर ने कहा कि हमने खुद को यह भूलने दिया है कि पाकिस्तान अमेरिका का पुराना सहयोगी है। पहले, अमेरिका पारंपरिक रूप से सैन्य और रणनीतिक रूप से पाकिस्तान के ज्यादा करीब था।

भारत और अमेरिका के बीच 30 सालों से मधुर संबंध रहे हैं, लेकिन हमें अतीत को नहीं भूलना चाहिए। कई पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को अमेरिका में प्रशिक्षण मिला है। कई पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों ने अमेरिकियों के साथ काम किया है और उनसे प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनका रिश्ता पुराना और गहरा है।"

पाकिस्तान जिन आतंकवादियों को भारत पर हमला करने के लिए पालता है, वे अमेरिका पर हमला नहीं कर रहे हैं। आईएसआईएस और दाएश जैसे जो आतंकी अमेरिका पर हमला कर रहे हैं वे पाकिस्तानी प्रतिष्ठान और पाकिस्तानी सेना पर भी हमला कर रहे हैं। अमेरिका और पाकिस्तान का भारत से स्वतंत्र रिश्ता है। हालांकि, हमारे हालिया संदर्भ को देखते हुए, यह भारत के लिए बहुत बुरी स्थिति है।

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