Nayab Singh Saini on Arvind Kejriwal: दिल्ली की सियासत में अरविंद केजरीवाल को लेकर एक सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। अरविंद केजरीवाल के जस्टिस स्वर्ण कांता को लिखे पत्र को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने अरविंद केजरीवाल के साथ कांग्रेस को भी लपेटे में ले लिया और हमला बोला।
हरियाणा के CM नायब सिंह (Nayab Singh Saini) ने कहा कि केजरीवाल और कांग्रेस, दोनों ही सहयोगी हैं। वे INDI गठबंधन के सदस्य हैं। कांग्रेस जो भी कहती है, केजरीवाल भी वही बात कहते हैं। ऐसे बयान देकर, वह जनता का ध्यान केजरीवाल की पार्टी के अंदरूनी कलह से हटाना चाहते हैं। पार्टी (AAP) के संस्थापक सदस्य, जिन्होंने इसे बनाया था, वे भी केजरीवाल की गलत नीतियों के कारण एक-एक करके पार्टी छोड़ रहे हैं।
हरियाणा के CM ने कहा अरविंद केजरीवाल ने बार-बार संवैधानिक संस्थाओं का अपमान किया है। केजरीवाल कांग्रेस पार्टी की थाली में ही खाते हैं। केजरीवाल न केवल एक अराजकतावादी हैं, बल्कि देश की अदालतों में भी उनका कोई विश्वास नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे कांग्रेस पार्टी का नहीं है। अदालत ने ही उन्हें जेल भेजा था। अदालत ने ही उन्हें रिहा किया, और अब अदालत ही उनके मामले का फैसला कर रही है। तो फिर, एक अदालत का फैसला सही और दूसरी का गलत कैसे हो सकता है?
नायब सिंह सैनी ने उनकी सोच को अराजकतावादी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता बताते हुए कहा संवैधानिक संस्थाओं में उनका कोई विश्वास नहीं है। ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी और गांधी परिवार यह मानते हैं कि वे अदालत से ऊपर हैं, केजरीवाल की भी यही सोच है। अगर फैसला आपके पक्ष में आता है, तो ठीक है; अगर नहीं आता, तो वह गलत है। केजरीवाल की यही स्थिति है। यह उनकी अराजकतावादी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता का ही एक रूप है।"
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने साफ कह दिया कि वह उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए कोर्ट में अपनी पैरवी करवाएंगे। केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी कारण उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है और यह निर्णय अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर लिया है।