असम में भीषण बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने राहत अभियान चलाया (सोर्स-आईएएनएस) 
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Assam Flood: असम में सेना ने तेज किया राहत और बचाव अभियान, 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

Assam Flood Rescue: असम में भीषण बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने राहत अभियान तेज करते हुए 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, 150 से ज्यादा लोगों को चिकित्सा सहायता दी और राहत सामग्री पहुंचाई।

करुणा नंद शाहवाल

Assam Flood Indian Army Rescue: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से उत्पन्न भीषण बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सेना के स्पीयर कोर के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन के जवान शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों में चौबीसों घंटे राहत कार्यों में जुटे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेना अब तक 700 से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।

इसके अलावा प्रभावित परिवारों तक आपातकालीन राशन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। दुर्गम और जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर लगातार हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं, जिससे बचाव अभियानों को प्राथमिकता देने में मदद मिल रही है। वहीं, सेना के इंजीनियर अलग-थलग पड़े गांवों तक संपर्क बहाल करने में नागरिक प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। राज्य में इस वर्ष की सबसे भीषण बाढ़ से 25 जिले प्रभावित हुए हैं, जहां 72 लाख से अधिक लोग प्रभावित और 31 लोगों की मौत हो चुकी है।

असम में सेना का राहत अभियान तेज

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सेना के स्पीयर कोर के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन के जवान बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में चौबीसों घंटे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान चला रहे हैं, जहां लगातार बारिश और नदियों के उफान से विशाल क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।

700 से अधिक लोगों का सफल रेस्क्यू

सेना ने बताया कि बचाव दल ने बढ़ते बाढ़ के पानी में फंसे 700 से अधिक लोगों को निकाला है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में तैनात फील्ड टीमों के माध्यम से 150 से अधिक निवासियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है।

राहत सामग्री का लगातार वितरण

अधिकारियों ने बताया कि चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद राहत अभियान जारी हैं, सैनिक जलमग्न गांवों और जलभराव वाले इलाकों में फंसे परिवारों तक पहुंचने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।

सेना ने प्रभावित निवासियों को आपातकालीन राशन पैकेट, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की है, जिससे बाढ़ में फंसे लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।

हेलीकॉप्टर से हो रहा हवाई सर्वेक्षण

बचाव प्रयासों को मजबूत करने के लिए सेना के विमानन हेलीकॉप्टर दुर्गम स्थानों में फंसे लोगों की पहचान करने और बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। हवाई सर्वेक्षण बचाव दल को बाढ़ के पानी से कटे हुए क्षेत्रों में अभियानों को प्राथमिकता देने में मदद कर रहे हैं।

इंजीनियरिंग टीम संपर्क बहाल करने में जुटी

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना के इंजीनियरों को भी अलग-थलग पड़े गांवों तक संपर्क बहाल करने में सहायता के लिए तैनात किया गया है, ताकि पहुंच मार्गों में सुधार किया जा सके और राहत कार्यों में नागरिक अधिकारियों का सहयोग किया जा सके। सेना ने कहा है कि वह प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित निकालने और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नागरिक प्रशासन और अन्य आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

 72 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित

असम में इस साल की सबसे भीषण बाढ़ के बीच राहत अभियान जारी हैं। नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 25 जिलों में 72 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि बाढ़ से 31 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, बचाव दल और वितरण केंद्र कार्यरत हैं।

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