

Indian Army Engineering Graduate Jobs: इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ज्यादातर युवा अच्छी सैलरी और सुरक्षित करियर की तलाश में रहते हैं। अगर आप भी ऐसे ही किसी अवसर की तलाश कर रहे हैं, तो भारतीय सेना (Indian Army) आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यहां आपको सिर्फ आकर्षक वेतन ही नहीं, बल्कि सम्मान, बेहतरीन सुविधाएं, तेज करियर ग्रोथ और देश की सेवा करने का गौरव भी मिलता है। खास बात यह है कि भारतीय सेना में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए ऑफिसर बनने के कई अवसर मौजूद हैं, जहां चयनित उम्मीदवार सीधे लेफ्टिनेंट के पद से अपना करियर शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा समय-समय पर प्रमोशन के जरिए उच्च पदों तक पहुंचने का मौका भी मिलता है।
कई अभ्यर्थियों को यह जानकारी नहीं होती कि भारतीय सेना तकनीकी शाखाओं के लिए इंजीनियरिंग पास युवाओं की भर्ती करती है। अलग-अलग एंट्री स्कीम के माध्यम से योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सेना का हिस्सा बन सकते हैं। यदि आप भी इंजीनियरिंग के दम पर एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि भारतीय सेना में इंजीनियर ऑफिसर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, आवेदन कैसे किया जाता है, चयन प्रक्रिया क्या होती है, शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है और भविष्य में करियर ग्रोथ के क्या अवसर उपलब्ध हैं।
अगर अभ्यर्थियों के पास चार साल की इंजीनियरिंग का सर्टिफीकेट है, तो उनको भारतीय सेना ( Indian Army) में इंजिनियर बनने के लिए आपके पास 4 विक्लप मौजूद हैं, और आपको इन चारों तरीकों से डायरेक्ट लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती होने का मौका मिल सकता है। जिसमें पहला टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स ( TGC) इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का सबसे लोकप्रिय विकल्प है। इसके माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को 'परमानेंट कमीशन' (Permanent Commission) मिलता है, यानी वे सेवानिवृत्ति तक सेना में सेवा कर सकते हैं।
पद: Lieutenant
कमीशन:Permanent Commission
आयु सीमा: 20 से 27 वर्ष
योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिग्री
SSC Tech के माध्यम से भी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भारतीय सेना में अधिकारी बन सकते हैं। इसमें शुरुआती 10 वर्षों की सेवा होती है, जिसे आवश्यकता और पात्रता के आधार पर 4 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
पद: Lieutenant
कमीशन: Short Service Commission
प्रारंभिक सेवा अवधि: 10 वर्ष (4 साल तक आगे बढ़ाया जा सकता है)
आयु सीमा: 20 से 27 वर्ष
योग्यता: इंजीनियरिंग डिग्री
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सीडीएस (CDS) परीक्षा के जरिए भी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भारतीय सेना में अधिकारी बन सकते हैं। यह उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो प्रतिस्पर्धी परीक्षा के माध्यम से सेना में जाना चाहते हैं।
पद: Lieutenant
आयु सीमा:19 से 24 वर्ष
योग्यता: इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (भारतीय सैन्य अकादमी के लिए निर्धारित पात्रता के अनुसार)
चयन प्रक्रिया: UPSC CDS परीक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट
अगर आपके पास 4 साल की इंजिनियरिंग के साथ एनसीसी (NCC - National Cadet Corps) का सर्टिफिकेट है, तो आप 19 से 24 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती के लिए डायरेक्ट अप्लाई कर सकते हैं।
भारतीय सेना में इंजिनियर बनने के लिए आपको लिखित परिक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल के टेस्ट में पास होना पढ़ेगा। इसेक बाद आपको इंडियन मिलिट्रि अकादमी (IMA) देहरादून या आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
आपको बता दें कि भारतीय सेना में इंजिनियरर्स को बेहतर सम्मान के साथ अच्छी सैलरी भी मिलती है। ट्रेनिंग के साथ-साथ 56,100 रुपए का प्रतिमाह स्टाईपेंड मिलता है। इंजिनियर्स प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब लेफ्टिनेंट बनते हैं, तो उनको बेसिक सैलरी 56,100 रुपए से लेकर 1,77,500 रुपए हो जाती है। लेफ्टिनेंट के शुरुआती रैंक से सीनियर पोस्ट तक के साल भर का पैकेज 6.7 लाख से लेकर 30 लाख रुपए तक होता है। इसमें प्रमोशन के हिसाब से आपकी सैलरी में बढ़ोत्तरी की जाती है।