Annamalai Quits BJP: भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस्तीफा दे दिया है, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसक अलावा बीजेपी ने आंध्र प्रदेश में खाली हो रही सभी चार सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी हैं।
अन्नामलाई 2 जून को दिल्ली आए थे। जहां उन्होंने पार्टी आलाकमान को अपने इस्तीफे के जानकारी दे दी थी। दिल्ली में वो सबसे पहले वरिष्ठ नेता बी.एल. संतोष से मुलाकात की। इसके बाद वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले थे। अन्नामलाई ने नितिन नबीन से मुलाकात के दौरान ही उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया था। जिसे अब बीजेपी आलाकमान ने अपनी मंजूरी दे दी है।
बी.एल. संतोष और नितिन नबीन से मुलाकात के बाद 2 जून को ही अन्नामलाई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिलने पहुंचे। जिसके बाद ये माना जा रहा था कि अमित शाह उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मना लेंगे। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अन्नामलाई ने अपनी राहें भारतीय जनता पार्टी से अलग कर ली हैं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफा देने के दौरान कहा था कि वो भले ही बीजेपी से अलग हो रहे हैं, लेकिन वो पार्टी से दूर नहीं हैं।
अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरों में एक थे। राज्य को युवाओं में उनकी काफी प्रसिद्धी है। राजनीति में आने से पहले अन्नामलाई IPS अधिकारी थे। उनकी प्रसिद्धी के पीछे आईपीएस ड्यूटी उनकी ईमानदार छवि को माना जाता है। अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हुए और पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा और सबसे प्रमुख नेताओं में से एक बन गए। इसके बाद 2021 से 2025 तक उन्होंने तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम किया और इस दौरान कई राज्यव्यापी अभियानों का नेतृत्व किया और उनको युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच एक मजबूत समर्थन भी मिला। माना जा रहा था कि वो 2026 से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन उन्होंने सभी को चौंकाते हुए चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया।
अन्नामलाई के करीबी लोगों का कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति में हाल के वर्षों में बड़े बदलाव हुए हैं। खासकर थलापति विजय के राजनीति में सक्रिय होने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल बदलता नजर आ रहा है। अन्नामलाई को लगता है कि केवल भाषा और पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के मुद्दों के सहारे चुनावी सफलता हासिल करना आसान नहीं है।
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अन्नामलाई बीजेपी से अलग होकर राज्य में खुद को नए विकल्प के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक, वो जल्द ही तमिलनाडु की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू कर सकते हैं।