एयर इंडिया फ्लाइट  सौजन्य-IANS
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Air India के 2 पायलटों का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव, 300 से ज्यादा की जांच, फाइनल रिपोर्ट आने तक ड्यूटी से हटे

Air India Pilot Drug Test: एयर इंडिया ग्रुप के 300-400 पायलटों का ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट हुआ। 2 की शुरुआती रिपोर्ट 'नॉन-नेगेटिव' आई है। फाइनल टेस्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

प्रिया जैस

Air India Pilot Drug Testing: एयर इंडिया की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एयर इंडिया में टर्बुलेंस मामले में पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद एयरलाइन ने सभी पायलटों के टेस्ट करवाए है। एयर इंडिया ग्रुप ने 13 अगस्त से सभी पायलटों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट अनिवार्य कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया ने अब तक लगभग 300-400 पायलटों का टेस्ट किया है। इनमें से दो पायलटों के शुरुआती नतीजे 'नॉन-नेगेटिव' यानी पॉजिटिव आए हैं। पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद अब एयरलाइन कन्फर्मेटरी टेस्ट का इंतजार कर रही है।

डोप टेस्ट पॉजिटिव होने के हो सकते है कई कारण

सूत्रों का कहना है कि डोप टेस्ट में कोई भी पायलट फेल नहीं हुआ है। जिनका शुरुआती रिजल्ट 'नॉन-नेगेटिव' आया है, उसके कई कारण हो सकते है। उनमें से एक कारण दवा लेना भी हो सकता है।

रिपोर्ट आने में 48 घंटों का समय

मिली जानकारी के अनुसार, फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या उससे ज्यादा समय लग सकता है। फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दोनों पायलटों के खिलाफ आगे क्या एक्शन लिया जाएगा।

आपको जानकारी दें, कि 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट के टर्बुलेंस यानी हवा के तेज झटकों का सामना करने की घटना के बाद, एयरलाइन ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस, दोनों के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट कराने की योजना की घोषणा की थी।

एयर इंडिया टर्बुलेंस मामले में सामने आई रिपोर्ट

एयर इंडिया की फुकेट से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई2379 से जुड़े 4 अगस्त के घटनाक्रम में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए320नियो विमान ने उड़ान के दौरान लगभग चार सेकंड के लिए अपने प्रमुख फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर नियंत्रण खो दिया था, जिसके चलते विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और कम से कम 24 यात्री एवं चालक दल के सदस्य घायल हो गए।

एक रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी विमान निर्माता एयरबस द्वारा विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) के प्रारंभिक विश्लेषण से सामने आई है। घटना के समय विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य, यानी कुल 145 लोग सवार थे।

चार सेकंड के लिए कंट्रोल से बाहर हुआ था विमान

रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ असामान्यता आने के कारण विमान के महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र प्रभावित हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के एलेवेटर और एलेरॉन, जो विमान की ऊंचाई और रोल नियंत्रित करते हैं, कुछ समय के लिए सामान्य हाइड्रोलिक नियंत्रण से बाहर हो गए थे। इसके अलावा स्पॉइलर सिस्टम के संचालन पर भी असर पड़ा।

एयरबस के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, लगभग चार सेकंड तक एलेवेटर और एलेरॉन बिना पायलट के निर्देश के स्वतः विचलित होते रहे। इस दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी दर्ज की गई थी।

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