Air India Plane Crash Findings: एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-171 के क्रैश को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। एयर इंडिया के पायलटों के संगठन ICPA ने हाल ही में जारी AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ये रिपोर्ट एयर इंडिया की उड़ान 171 के हादसे को लेकर थी। इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) का कहना है कि रिपोर्ट में पायलटों पर आत्महत्या का आरोप लगाया जा रहा है, जो कि पूरी तरीके से गलत है। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले पायलटों को दोषी मान लेना सही नहीं है। 12 जून को अहमदाबाद में हुए इस हादसे में 270 लोगों की जान चली गई थी। ICPA ने मीडिया तथा जनता से अपील की है कि वो कयास न लगाएं और पूरी जांच का इंतजार करें।
इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट से बेहद नाराज है। ICPA, जो एयर इंडिया के पायलटों की यूनियन है, ने इस रिपोर्ट को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद से पायलटों की आत्महत्या की थ्योरी सामने लाई जा रही है, जो कि पूरी तरह गलत है। AAIB ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बोइंग 787 विमान के दोनों फ्यूल स्विच उड़ान भरने के तीन सेकंड बाद ही 'रन' से 'कट-ऑफ' पर चले गए थे। इसका मतलब है कि इंजन को फ्यूल की सप्लाई रुक गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कॉकपिट में एक पायलट दूसरे से पूछता है, 'फ्यूल सप्लाई क्यों बंद कर दी?' दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में ये साफ नहीं है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच कैसे बंद हुए।
AAIB की रिपोर्ट आने के बाद ही कई पायलटों और एविएशन एक्सपर्ट्स ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दीं। उन्होंने कहा कि संभवतः किसी पायलट ने जानबूझकर फ्यूल सप्लाई स्विच को बंद किया था। हालांकि, एयर इंडिया के पायलटों की यूनियन, इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन ने इसे ‘गैरजिम्मेदाराना तथा बेबुनियाद आरोप’ करार दिया है। उनका कहना है कि दोनों पायलट अनुभवी थे। मुख्य पायलट 56 वर्षीय सुमित सभरवाल के पास 8400 घंटे का तथा को-पायलट सी. कुंदर के पास 3000 घंटे का उड़ान अनुभव था। दोनों पायलटों ने कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी से काम किया।
इस बीच, यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और बोइंग ने कहा है कि बोइंग के सभी विमानों में फ्यूल स्विच लॉक सुरक्षित हैं। यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और बोइंग ने निजी तौर पर इस बात की जानकारी दी है कि उन्हें इस मामले में कोई तकनीकी खामी नहीं मिली है, इसलिए बोइंग को किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं लगी है। बोइंग और अमेरिकी एविएशन संगठन का कहना है कि उनके सभी विमानों के फ्यूल स्विच तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं।
ICPA का कहना है कि जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह के अनुमान लगाना गलत होगा। एयर इंडिया फ्लाइट संख्या 171 का विमान 12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 270 लोगों की जान चली गई थी। ICPA का मानना है कि AI-171 के पायलटों ने कठिन हालात में भी अपनी ट्रेनिंग और जिम्मेदारी के अनुसार कार्य किया। क्रू के खिलाफ बिना किसी पुख्ता सबूत के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।