सुरेश ओबेरॉय (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

हीरो बनने आए थे सुरेश ओबेरॉय, लेकिन विलेन बनकर मचाया तहलका, पाकिस्तान से रहा ये खास नाता

Suresh Oberoi Career: 17 दिसंबर 1946 को क्वेटा में जन्मे सुरेश ओबेरॉय विभाजन के बाद भारत आए और महज 400 रुपये लेकर मुंबई पहुंचे। सुरेश ओबेरॉय आखिरी बार 2019 में ‘मणिकर्णिका’ में नजर आए।

सोनाली झा

Suresh Oberoi Birthday: बॉलीवुड एक्टर सुरेश ओबेरॉय आज अपना 79वां जन्मदिन मना रहे हैं। सुरेश ओबेरॉय उन कलाकारों में से हैं, जो फिल्मी दुनिया में हीरो बनने का सपना लेकर आए थे, लेकिन अपनी गूंजती आवाज और प्रभावशाली अभिनय के दम पर विलेन बनकर हीरो पर भारी पड़ गए। नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित सुरेश ओबेरॉय अनुभवी अभिनेता होने के साथ-साथ एक्टर विवेक ओबेरॉय के पिता भी हैं।

सुरेश ओबेरॉय का जन्म 17 दिसंबर 1946 को उस वक्त के बलूचिस्तान (अब पाकिस्तान) के क्वेटा में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। साल 1947 में देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। भारत आने के बाद परिवार ने पहले पंजाब और फिर हैदराबाद में कुछ समय बिताया। बचपन से ही अभिनय में रुचि रखने वाले सुरेश ओबेरॉय ने मायानगरी मुंबई का रुख किया। खास बात यह है कि जब वह मुंबई पहुंचे थे, तब उनकी जेब में महज 400 रुपये थे। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

सुरेश ओबेरॉय का बॉलीवुड डेब्यू

सुरेश ओबेरॉय ने अपने करियर की शुरुआत रेडियो से की थी। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग की और फिर फिल्मों में कदम रखा। साल 1977 में फिल्म ‘जीवन मुक्त’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया। शुरुआती दौर में उन्होंने ‘काला पत्थर’, ‘सुरक्षा’ और ‘कर्तव्य’ जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, उनकी भारी-भरकम आवाज और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने जल्द ही उन्हें अलग पहचान दिला दी।

सुरेश ओबेरॉय का करियर

साल 1980 में आई फिल्म ‘एक बार फिर’ में उन्हें मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं रही, लेकिन सुरेश ओबेरॉय के अभिनय को खूब सराहा गया। साल 1987 में आई श्याम बेनेगल की चर्चित फिल्म ‘मिर्च मसाला’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके अलावा फिल्म ‘घर एक मंदिर’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया।

सुरेश ओबेरॉय की आखिरी फिल्म

करीब 150 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके सुरेश ओबेरॉय एक समय हर साल पांच से ज्यादा फिल्में किया करते थे। हालांकि, साल 2009 के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनानी शुरू कर दी। आखिरी बार वह साल 2019 में फिल्म ‘मणिकर्णिका’ में नजर आए थे। निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने 1 अगस्त 1974 को यशोधरा से शादी की थी। आज भी सुरेश ओबेरॉय को उनकी दमदार आवाज और यादगार किरदारों के लिए याद किया जाता है।

गूंज नहीं, सीधा धमाका, DUSU में ABVP की जीत से गदगद हुई BJP, कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा, हामिद अंसारी के बयान बवाल, BJP ने किया पलटवार

सहारनपुर से चुनावी आगाज की परंपरा जारी रखेगी BJP? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से सियासी हलचल तेज

दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटेगा केजरीवाल का नाम, चुनाव आयोग ने भेजा SIR का नोटिस, पूर्व CM से मांगे कागज

ABVP ने DUSU चुनाव में लहराया परचम, जीत के बाद यश डबास की पहली प्रतिक्रिया, बोले- हमारे साथ हैं Gen Z